दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है, जिससे देश के कई भागों में भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद बढ़ गई है। सोमवार दोपहर जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम “ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन” के अनुसार मानसून अब अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों, पूरे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है।
विभाग ने कहा है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून के दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के शेष हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल में प्रवेश कर सकता है। हालांकि इसमें चार दिन आगे-पीछे होने की संभावना भी जताई गई है। इस संभावना पर किसानों, कृषि बाजारों और नीति निर्माताओं की खास नजर है, क्योंकि देश की लगभग 70 प्रतिशत वर्षा मानसून से होती है और खरीफ फसलों की बुआई इसके समय पर काफी निर्भर करती है।
मानसून की प्रगति के साथ ही आईएमडी ने अगले एक सप्ताह के दौरान कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में मध्यम से भारी बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। केरल और माहे में 18 मई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 18 मई से 24 मई के बीच पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं पूर्वी भारत के बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक और तेज आंधी चलने की संभावना है, जहां हवा की गति कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने, कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, कटाई के बाद की फसलों को सुरक्षित रखने और बागवानी फसलों को तेज हवाओं एवं भारी बारिश से बचाने की सलाह दी गई है।
आईएमडी ने मछुआरों को भी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि मानसून की सक्रियता के चलते वहां तेज हवाएं और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति बनी रह सकती है।
उत्तर और मध्य भारत में गंभीर हीटवेव की आशंका
दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में लू और भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। आईएमडी ने आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बने रहने का अनुमान जताया है। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी अत्यधिक गर्मी पड़ सकती है। इसने मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 31 में हीटवेव की आशंका जताई है।