अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने वैश्विक कृषि उत्पादन से संबंधित सितंबर 2026 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें भारत के 2026-27 फसल वर्ष के लिए मक्का और चावल के उत्पादन अनुमान में कटौती की गई है। अनियमित मानसून और फसल की कमजोर संभावनाओं के बीच मक्का उत्पादन का अनुमान घटाकर 5 करोड़ टन और चावल का 14.7 करोड़ टन कर दिया गया है। इसके विपरीत, गेहूं और कपास का परिदृश्य फिलहाल अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है।
मक्का उत्पादन अनुमान में 9 फीसदी की गिरावट
USDA ने भारत के 2026-27 मक्का उत्पादन का अनुमान अगस्त के 5.2 करोड़ टन से घटाकर 5 करोड़ टन कर दिया है। यह पिछले वर्ष के 5.509 करोड़ टन के मुकाबले करीब 9.2 फीसदी कम है। मक्का का क्षेत्रफल भी अगस्त के 144.1 लाख हेक्टेयर से घटकर 140 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जबकि उत्पादकता 3.57 टन प्रति हेक्टेयर आंकी गई है।
वैश्विक स्तर पर भी मक्का उत्पादन में गिरावट का अनुमान है। USDA ने 2026-27 के लिए विश्व मक्का उत्पादन 129.095 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है, जो अगस्त के अनुमान से 0.6 फीसदी और पिछले वर्ष से 3 फीसदी कम है। अमेरिका का उत्पादन 40.133 करोड़ टन, चीन का 30.7 करोड़ टन और ब्राजील का 13.9 करोड़ टन रहने का अनुमान है। अर्जेंटीना में उत्पादन 5.5 करोड़ टन रह सकता है, जो पिछले वर्ष से 12.7 फीसदी कम है।
भारत के लिए मक्का का अनुमान ऐसे समय में घटाया गया है जब देश में खरीफ मक्का की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में कम रही है। मक्का की फसल का 75 प्रतिशत हिस्सा खरीफ मौसम पर निर्भर है और मौसम की अनिश्चितता का असर उत्पादन संभावनाओं पर पड़ रहा है।
चावल उत्पादन अनुमान में भी कटौती
USDA ने भारत के 2026-27 चावल उत्पादन अनुमान को अगस्त के 15 करोड़ टन से घटाकर 14.7 करोड़ टन कर दिया है। यह पिछले वर्ष के 15.402 करोड़ टन के मुकाबले 4.6 फीसदी कम है। चावल का क्षेत्रफल 5.1 करोड़ हेक्टेयर और उत्पादकता 4.32 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है।
विश्व स्तर पर 2026-27 में चावल उत्पादन 53.385 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो अगस्त के अनुमान से 0.6 फीसदी और पिछले वर्ष से 2.2 फीसदी कम है। चीन का उत्पादन भी भारत के बराबर 14.7 करोड़ टन रहने का अनुमान है, हालांकि वहां सालाना आधार पर मामूली वृद्धि की संभावना है। बांग्लादेश, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड के उत्पादन में भी पिछले वर्ष की तुलना में कमी का अनुमान है।
गेहूं में भारत की स्थिति बेहतर
चावल और मक्का के विपरीत भारत के गेहूं उत्पादन का अनुमान 12.1 करोड़ टन पर बरकरार रखा गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 2.6 फीसदी अधिक है। गेहूं का क्षेत्रफल 3.35 करोड़ हेक्टेयर और उत्पादकता 3.61 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है।
विश्व स्तर पर 2026-27 गेहूं उत्पादन 82.243 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 2.55 फीसदी कम है। चीन का उत्पादन 14.1 करोड़ टन रहने का अनुमान है। इस लिहाज से भारत में गेहूं का उत्पादन वैश्विक गिरावट के रुझान के विपरीत अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है।
तिलहन उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी
भारत का कुल तिलहन उत्पादन 2026-27 में 4.12 करोड़ टन रहने का अनुमान है। यह अगस्त के 4.195 करोड़ टन के अनुमान से 1.8 फीसदी कम है, लेकिन पिछले वर्ष के 4.074 करोड़ टन से 1.1 फीसदी अधिक है। इसके विपरीत, वैश्विक तिलहन उत्पादन 72.346 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो अगस्त के अनुमान से 0.34 फीसदी और पिछले वर्ष से 3.2 फीसदी अधिक है। अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना में प्रमुख तिलहनों के उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि का अनुमान है।
कपास का परिदृश्य अपेक्षाकृत मजबूत
USDA ने भारत के 2026-27 के कपास उत्पादन का अनुमान 2.4 करोड़ गांठ पर बरकरार रखा है। यह पिछले वर्ष से 0.84 फीसदी अधिक है। इसके मुकाबले विश्व कपास उत्पादन 11.732 करोड़ 480-पाउंड गांठ रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 3.8 फीसदी कम है। चीन का कपास उत्पादन 3.35 करोड़ गांठ रहने का अनुमान है, जो 6.4 फीसदी कम है, जबकि अमेरिका का उत्पादन 13.2 मिलियन गांठ रह सकता है।
कुल मिलाकर, USDA के सितंबर अनुमान भारत की फसल स्थिति में एक मिश्रित तस्वीर दिखाते हैं। मक्का और चावल पर मौसम का दबाव स्पष्ट है, जबकि गेहूं और कपास अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में हैं। वैश्विक स्तर पर भी मक्का, चावल और कपास के उत्पादन में कमी का अनुमान है, जबकि तिलहन उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।