VB-G RAM G के तहत ग्रामीण कार्यों का दायरा 266 से बढ़कर 375 हुआ; 181 कार्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों पर केंद्रित

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने VB-G RAM G के तहत 375 कार्य अधिसूचित किए हैं, जिससे मनरेगा के 266 कार्यों की तुलना में दायरा 41 प्रतिशत बढ़ गया है। कृषि और संबद्ध गतिविधियों से जुड़े 181 कार्य हैं। कुल चार श्रेणियों में जल सुरक्षा के 128, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के 111, आजीविका के 98 और आपदा प्रबंधन के 38 कार्य हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025 के तहत 375 कार्यों को अधिसूचित किया है। इसके साथ ही ग्रामीण कार्यों का दायरा पिछले मनरेगा ढांचे के तहत उपलब्ध 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत बढ़ गया है।

नए ढांचे में कृषि और संबद्ध गतिविधियों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। कुल 375 कार्यों में से 181 कार्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें जल, भूमि विकास, पौधरोपण, पशुधन और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों से जुड़े कार्य शामिल हैं, जो सीधे किसानों को लाभ पहुंचा सकते हैं।

नई अनुसूची में कार्यों को चार व्यापक स्तंभों के तहत पुनर्गठित किया गया है - जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा तथा चरम मौसम की घटनाओं और आपदा प्रबंधन के लिए विशेष कार्य। सरकार के अनुसार, नए ढांचे का उद्देश्य केवल परिसंपत्तियों के प्रकारों की पारंपरिक सूची तक सीमित रहने के बजाय रोजगार को टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों से जोड़ना है।

जल सुरक्षा श्रेणी में सबसे अधिक 128 कार्य रखे गए हैं। इनमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, नदियों और जलधाराओं का पुनर्जीवन, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा खेतों में जल वितरण चैनलों का नवीनीकरण शामिल है। इसके अलावा ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, वर्षा जल संचयन, टांका, आइस-स्तूप और कृत्रिम ग्लेशियर जैसे कार्य भी इसमें शामिल किए गए हैं।

मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे की श्रेणी में 111 कार्य हैं। इनमें सौर स्ट्रीट लाइट, कचरे से उपयोगी संसाधन बनाने वाले रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट यूनिट, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, युवा केंद्र और स्कूलों से संबंधित बुनियादी ढांचा शामिल है। जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति बुनियादी ढांचे की मरम्मत और रखरखाव को भी इसमें शामिल किया गया है।

नए ढांचे में ग्रामीण आजीविका पर भी अधिक जोर दिया गया है। अनुसूची में आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे के 98 कार्य शामिल हैं। ये कुल कार्यों का 26 प्रतिशत हैं, जबकि पिछले ढांचे में इनका हिस्सा केवल 1.1 प्रतिशत था।

इनमें कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी बुनियादी ढांचा, मशरूम शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉलीहाउस, जलीय कृषि ढांचे और मंडी यार्ड शामिल हैं।

पहली बार ग्रामीण कार्यों के ढांचे में आपदा प्रबंधन और जलवायु लचीलेपन के लिए 38 कार्यों की अलग श्रेणी बनाई गई है। इसमें बाढ़ राहत आश्रय, तटबंधों को मजबूत करना, रिटेनिंग वॉल, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों की बहाली तथा जंगल की आग से निपटने के उपाय शामिल हैं।

नए ढांचे में अंत्योदय और कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी आधारित कार्य हैं। इनमें आवास, स्वच्छता, ऊर्जा, सिंचाई, पौधरोपण और पशु आश्रय जैसी परिसंपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा नारी शक्ति और युवा शक्ति से जुड़े 36-36 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और उनके महासंघों के लिए बुनियादी ढांचा, युवा केंद्र, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल है। सभी कार्यों की योजना विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के आधार पर बनाई जाएगी और इन्हें ग्राम सभा की मंजूरी मिलेगी।