केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा का घोषणा पत्र ‘संकल्प पत्र’ जारी किया। इस घोषणा पत्र में कृषि, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और सुशासन के क्षेत्रों में व्यापक सुधारों का वादा किया गया है। साथ ही सत्ता में आने पर 7वां वेतन आयोग और छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई है। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र को ‘भरोशार शपथ’ नाम दिया है।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर फोकस
भाजपा के घोषणा पत्र में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आय बढ़ाना और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत करना है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण फसलों - धान, आलू और आम - के लिए लक्षित समर्थन देने का वादा किया है।
मत्स्य क्षेत्र में, भाजपा ने सभी मछुआरों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पंजीकृत करने और राज्य को एक प्रमुख मछली निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। इस कदम का उद्देश्य आय के अवसर बढ़ाना और ब्लू इकोनॉमी को सशक्त करना है। पार्टी ने पुराने चाय बागानों के पुनर्जीवन, दार्जिलिंग चाय की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूत करने और जूट उद्योग के आधुनिकीकरण का भी वादा किया है।
इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत भाजपा ने केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले 6,000 रुपये वार्षिक सहायता के अतिरिक्त राज्य की ओर से 3,000 रुपये अतिरिक्त सहायता देने का वादा किया है।
महिला सशक्तीकरण और सुरक्षा
महिलाओं से जुड़ी योजनाएं भाजपा के घोषणा पत्र का प्रमुख आधार हैं। पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में देने का वादा किया है। सुरक्षा और भागीदारी बढ़ाने के लिए भाजपा ने महिला-विशेष पुलिस बटालियन और ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही राज्य सरकार की सभी नौकरियों, जिसमें पुलिस बल भी शामिल है, में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का वादा किया गया है। पार्टी के अनुसार इन कदमों का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षा दोनों को मजबूत करना है।
रोजगार और युवा पहल
बेरोजगारी के मुद्दे को संबोधित करते हुए भाजपा ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का वादा किया है। इसके अलावा, बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है। घोषणा पत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 15,000 रुपये की सहायता और कथित तौर पर भ्रष्टाचार के कारण नौकरी से वंचित लोगों को पांच वर्ष की आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान भी शामिल है।
पार्टी ने सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता (DA) सुनिश्चित करने के साथ ही सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग को लागू करने का भी वादा किया है।
सामाजिक और शासन सुधार
शासन और सामाजिक मुद्दों पर बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। घोषणापत्र में घुसपैठ के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाने और पशु तस्करी पर सख्त कार्रवाई का वादा किया गया है। पार्टी ने छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की भी प्रतिबद्धता जताई है।
बीजेपी ने कहा है कि वह एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करेगी, जिसमें वर्तमान सरकार के 15 वर्षों के शासन में कथित भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की गिरावट को उजागर किया जाएगा। साथ ही, राज्य में सिंडिकेट व्यवस्था और कथित “कट मनी” संस्कृति को समाप्त करने का भी वादा किया गया है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा
स्वास्थ्य क्षेत्र में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू करने और इसे राज्य की मौजूदा योजनाओं के साथ जोड़ने का वादा किया है। इसके अलावा, मुफ्त HPV टीकाकरण और स्तन कैंसर जांच कार्यक्रम चलाने की भी घोषणा की गई है। पार्टी ने उत्तर बंगाल में AIIMS, IIT और IIM जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित करने की योजना भी पेश की है, जिससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच बेहतर हो सके।
अन्य प्रमुख वादे
अन्य वादों में बीजेपी ने सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए ‘वंदे मातरम्’ संग्रहालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, कुर्माली और राजबोंग्शी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का भी वादा किया गया है। इसके अलावा, पार्टी नए टाउनशिप विकसित करने और आध्यात्मिक व ऐतिहासिक महत्व वाले सांस्कृतिक सर्किट को बढ़ावा देने की योजना भी बना रही है।
घोषणापत्र जारी करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह किसानों, युवाओं और महिलाओं की आकांक्षाओं को दर्शाता है और “विकसित” एवं “सोनार बांग्ला” के निर्माण का रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोग वर्षों के शासन के बाद “डरे हुए और निराश” हैं और बदलाव चाहते हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।