BJP ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल का 15 साल का शासन खत्म किया, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सुशासन की राजनीति की जीत बताया

निर्वाचन आयोग के शाम 6.30 बजे के आंकड़ों के अनुसार, BJP 204 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है या आगे चल रही है। इसके मुकाबले TMC केवल 83 सीटों तक सिमट गई है। कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी 2-2 सीटों पर आगे हैं, जबकि CPM और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट 1-1 सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) वहां अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है। इसी के साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया है। TMC से पहले, राज्य में वाम मोर्चा ने 1977 से 2011 तक लगभग 34 वर्षों तक शासन किया था।

सोमवार को मतगणना के रुझानों में 2026 विधानसभा चुनाव में BJP की स्पष्ट बढ़त सामने आते ही पूरे राज्य में जश्न का माहौल बन गया। पार्टी कार्यकर्ता मतगणना केंद्रों और स्थानीय कार्यालयों पर एकत्र हुए, जहां ढोल-नगाड़ों, नाच-गाने, मिठाइयों और अबीर-गुलाल के साथ जीत का उत्सव मनाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "पश्चिम बंगाल में कमल खिला! 2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अविस्मरणीय रहेगा। जनता की शक्ति और बीजेपी की सुशासन की राजनीति विजयी हुई है। मैं पश्चिम बंगाल के हर नागरिक को नमन करता हूं।

"जनता ने बीजेपी को अभूतपूर्व जनादेश दिया है और मैं उन्हें आश्वस्त करता हूं कि हमारी पार्टी पश्चिम बंगाल के लोगों के सपनों और उनकी आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। हम ऐसी सरकार बनाएंगे जो समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए अवसर और सम्मान सुनिश्चित करे।"

भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभी भी आगे चल रही हैं, लेकिन उनकी बढ़त में लगातार कमी आई है। चुनाव आयोग के अनुसार, 20 में से 14 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और उनकी बढ़त घटकर मात्र 3,830 वोट रह गई है। शुरुआती राउंड में उनकी बढ़त 17,000 वोट से अधिक थी।

निर्वाचन आयोग के शाम 6.30 बजे के आंकड़ों के अनुसार, BJP 204 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है या आगे चल रही है। इसके मुकाबले TMC केवल 83 सीटों तक सिमट गई है। कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी 2-2 सीटों पर आगे हैं, जबकि CPM और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट 1-1 सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं।

कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित BJP कार्यालय में समर्थकों ने झालमुड़ी खाकर जश्न मनाया। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारग्राम में यह खाया था। इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी और ममता बनर्जी ने इसे दिखावा बताया था।

भाजपा सूत्रों ने इस जीत का एक कारण मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को बताया, जिसका उद्देश्य “वास्तविक मतदाताओं” को सुनिश्चित करना था। इस प्रक्रिया में कथित “तार्किक विसंगतियों” के आधार पर 27 लाख से अधिक नाम हटाए गए। BJP ने इसे चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बताया।

महिला मतदाताओं तक पहुंच भी BJP की सफलता का अहम कारण रही। पार्टी ने महिला सशक्तीकरण का संदेश जोर-शोर से उठाया, जिसका व्यापक असर देखा गया। राज्य में 6.44 करोड़ मतदाताओं में से 3.16 करोड़ महिलाएं हैं, और पार्टी का अनुमान है कि महिला वोट में करीब 5 प्रतिशत का झुकाव उसके पक्ष में हुआ।

साथ ही, सत्ता विरोधी लहर ने भी अहम भूमिका निभाई। सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे, वेतन संरचना को लेकर असंतोष और सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग जैसे विषयों ने बड़े वर्ग को प्रभावित किया। “परिवर्तन यात्रा” के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर वेतन आयोग लागू करने और रिक्त पदों को भरने का वादा किया था।