असम विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की वापसी लगभग तय हो गई है। चुनाव आयोग ने राज्य की सभी 126 सीटों के रुझान बताए हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 64 सीटों की जरूरत है। दोपहर 3.30 बजे तक की स्थिति के अनुसार भारतीय जनता पार्टी 81 सीटों पर जीत दर्ज चुकी है या आगे चल रही है।
कांग्रेस पार्टी 20, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 10, असम गण परिषद 9, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंड दो और राइजोर दल दो सीटों पर आगे चल रही है। एक सीट पर तृणमूल कांग्रेस और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे हैं। कांग्रेस के तरुण गोगोई जोरहाट सीट पर पीछे चल रहे हैं।
वोट प्रतिशत की बात करें तो सत्तारूढ़ भाजपा को 39.88 प्रतिशत वोट मिले हैं। कांग्रेस को 28.01 प्रतिशत, वोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 4.09 प्रतिशत, असम गण परिषद को 6.01 प्रतिशत और एआईयूडीएफ को 4.85 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए हैं।
इससे पहले वर्ष 2021 के चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों को 76 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को 48 और अन्य को दो सीटें प्राप्त हुई थीं।
असम के पूर्वी और दक्षिणी जिलों पर भाजपा का लगभग पूरा नियंत्रण है। लेकिन रोचक बात यह है कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों पर भाजपा का नियंत्रण होने के बावजूद उससे सटे असम के इलाकों में कांग्रेस और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के उम्मीदवार जीते हैं।