पश्चिम बंगाल चुनाव का आखिरी चरण बुधवार को, 142 सीटों पर वोटिंग; ममता-शुभेंदु की भबानीपुर सीट पर सबकी नजर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भबानीपुर सीट सबसे अहम है। गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा कड़ी कर दी है, करीब ढाई हजार लोग हिरासत में लिए गए हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार, 29 अप्रैल को सात जिलों की 142 सीटों के लिए मतदान होगा। इसमें कोलकाता की भबानीपुर सीट भी है जहां तृणमूल नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं। उनके सामने प्रमुख उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के शुभेंदु अधिकारी हैं।
 
इसी के साथ पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। असम, केरल और पुदुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। तमिलनाडु की सभी सीटों और पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था। पांचों राज्यों में मतगणना 4 मई को होनी है।
 
पश्चिम बंगाल में बुधवार को जिन सीटों पर वोटिंग होनी है उनमें नदिया जिले की 17, उत्तर 24 परगना जिले की की 33, दक्षिण 24 परगना जिले की 31, कोलकाता की 11, हावड़ा की 16, हुगली की 18 और पूर्वी बर्धमान जिले की 16 सीटें हैं। मौसम विभाग ने इनमें से ज्यादातर जिलों में बुधवार को आंधी और बारिश की चेतावनी दी है। 
 
15 मार्च को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का ऐलान हुआ था। उसके बाद से अब तक 44 प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विभिन्न मामलों में 68 तलाशी अभियान चला चुका है।
 
इस बार बंगाल चुनाव में सबसे प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) है। इस प्रक्रिया में 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। दूसरे चरण के मतदान से पहले ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद 1,468 लोगों के नाम सूची में जोड़े गए हैं। आयोग ने कहा है कि जिन वोटर्स की अपील अपीलेट ट्रिब्यूनल ने 27 अप्रैल तक निपटा दी थी, उन्हें पूरक सूची में शामिल किया गया है, और वे दूसरे फेज़ में वोट दे सकेंगे। इससे पहले, 23 अप्रैल को हुए मतदान के पहले चरण से पहले ट्रिब्यूनल से मंजूर सिर्फ 139 वोटर्स के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए थे।
 
राज्य में पहले चरण का मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा था। लेकिन दूसरे चरण से पहले, गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार शाम को बताया कि पिछले 60 घंटे में राज्य में 2,873 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सोमवार रात में ही 809 लोगों को हिरासत में लिया गया। मंगलवार को भी यह कार्रवाई जारी रही। चुनाव वाले जिलों में रविवार रात से छिटपुट हिंसा की खबरें आ रही हैं।
 
माना जा रहा है कि चुनाव आयोग केंद्रीय सुरक्षकर्मियों को मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे के बाहर भी कार्रवाई करने की आजादी दे सकता है। मतदान केंद्र की ओर जाने वाली सड़कों पर अधिक संख्या में सीसीटीवी भी लगाए जा रहे हैं। क्विक रेसपांस टीम की तैनाती भी अधिक संख्या में की जा रही है।
 
इस बीच, चुनाव आयोग के खिलाफ मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसमें दावा किया गया है कि तथाकथित गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट ने जो आदेश जारी किया था, उसका उल्लंघन किया जा रहा है। 
 
हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर के उस आदेश को स्थगित कर दिया था जिसमें कुछ नागरिकों को गड़बड़ी फैलाने वाला बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजय पाल की डिवीजन बेंच के सामने दायर याचिका में तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने 350 लोगों की नई सूची बनाई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
 
पुलिस ऑब्जर्वर अजयपाल शर्मा को लेकर अलग विवाद शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के IPS अफसर और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' नाम से मशहूर अजयपाल सोमवार को फलता क्षेत्र में तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के घर आए और उनके करीबी लोगों को सख्त चेतावनी दी। उनकी बातचीत के लहजे की आलोचना हो रही है। जहांगीर का आरोप है कि पुलिस ऑब्जर्वर आम वोटरों को डरा रहे हैं। मंगलवार को जब अजयपाल का काफिला गुजर रहा था, तो जहांगीर और उनके समर्थकों ने 'जय बांग्ला' का नारा लगाया।