गुरुवार को असम, केरल और पुडुचेरी में पूरे दिन मतदाताओं की मजबूत भागीदारी देखने को मिली। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पुडुचेरी में सबसे अधिक 86.92% मतदान दर्ज हुआ, इसके बाद असम में 84.42% और केरल में शाम 5 बजे तक 75.01% मतदान हुआ। तीनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
असम में सभी 126 विधानसभा सीटों पर शाम 5 बजे तक अनुमानित 84.42% मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के चुनाव में हुए 82.04% मतदान से अधिक है। राज्य में मुकाबला काफी कड़ा है, जहां भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है, वहीं कांग्रेस दस साल बाद सत्ता में वापसी के प्रयास में है।
विधानसभा क्षेत्रों में दलगांव में सबसे अधिक 94.57% मतदान हुआ, जबकि अमरी में सबसे कम 70.40% मतदान दर्ज किया गया। इस एक चरण के चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य के 35 जिलों में फैले 31,490 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान कराया गया।
केरल में सभी 140 विधानसभा सीटों पर मतदान शाम 6 बजे समाप्त हुआ, हालांकि कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। समय सीमा से पहले पहुंचे मतदाताओं को टोकन जारी कर वोट डालने की अनुमति दी गई। शाम 5 बजे तक राज्य में 75.01% मतदान हुआ, जो 2021 के 74.06% मतदान से थोड़ा अधिक है। अंतिम आंकड़े सभी मतदाताओं के मतदान पूरा करने के बाद जारी किए जाएंगे।
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपना वोट देने के बाद कहा, "यहां भाजपा कोई फैक्टर नहीं है। यह ऐसा राज्य है जहां विधानसभा में भाजपा की एक भी सीट नहीं है। उनका नाम लेना भी उनके लिए ज्यादा तारीफ होगी। यह मुकाबला सत्तारूढ़ एलडीएफ सरकार और चुनौती पेश कर रहे यूडीएफ के बीच है।"
पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर भी शाम 6 बजे मतदान समाप्त हुआ। निर्धारित समय से पहले पहुंचे मतदाताओं को कतार में खड़े रहकर मतदान करने की अनुमति दी गई। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, यहां मतदान 86% से अधिक रहा। केंद्र शासित प्रदेश में एनडीए सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएनआरसी सरकार को हटाने के प्रयास में है और स्थानीय स्वायत्तता व प्रशासनिक मुद्दों को प्रमुखता दे रहा है।