बिहार के किसानों को KCC और फसल ऋण पर मिलेगी 1% अतिरिक्त ब्याज राहत, 3 लाख रुपये तक के कर्ज पर फायदा

बिहार सरकार ने किसानों को 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण, KCC और अल्पावधि कृषि ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने के लिए नाबार्ड से समझौता किया है। समय पर ऋण चुकाने वाले सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलेगा।

अतिरिक्त ब्याज राहत के लिए राज्य सरकार और नाबार्ड के बीच समझौता हुआ।

बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को कर्ज पर ब्याज में एक प्रतिशत अतिरिक्त राहत देने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य सरकार ने नाबार्ड के साथ करार किया है। प्रदेश के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में कृषि विभाग और नाबार्ड के अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 

कृषि विभाग ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसमें बताया गया है कि किसानों को 3 लाख रुपये तक के फसल/किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं अल्पावधि कृषि ऋण पर 1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाएगा। लघु, सीमांत एवं सभी श्रेणी के पात्र किसानों को इसका लाभ मिलेगा। बटाईदार, मौखिक पट्टेदार एवं ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) सदस्यों को भी इसमें शामिल किया गया है।

कृषि लोन की औसत ब्याज दर 7 प्रतिशत के आसपास होती है। केंद्र सरकार की ओर से इसमें 3 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। इस पर बिहार के किसानों को राज्य सरकार ने ब्याज में अलग से 1 प्रतिशत की राहत देने का फैसला किया है। इससे किसानों को 3 लाख रुपये तक के कर्ज पर 3 प्रतिशत ब्याज ही देना होगा। 

राज्य के कृषि मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 5 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत कॉमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों से लिए गए 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण, केसीसी ऋण एवं अल्पावधि ऋण इसके दायरे में आएंगे। सभी प्रकार की फसलों को योजना में शामिल किया गया है। 

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर किसी किसान ने 3 लाख रुपये से अधिक का लोन लिया है, तो उस स्थिति में उसे 3 लाख तक के ऋण पर ही अनुदान का फायदा मिलेगा, उससे ऊपर के ऋण पर नहीं। साथ ही इस योजना का लाभ सिर्फ उन किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के भीतर ऋण लौटाएंगे।