आंध्र प्रदेश में बागवानी विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब की योजना

आंध्र प्रदेश ने रायलसीमा में ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब विकसित करने की बड़ी पहल शुरू की है, जिसमें केंद्र की सहायता के साथ निजी निवेश भी होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीकों पर केंद्रित इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर स्थापित करेगी। परियोजना का उद्देश्य बागवानी, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाना है।

आंध्र प्रदेश में बागवानी विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब की योजना

आंध्र प्रदेश के अन्नमय्या जिले के मदनपल्ले में ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब (GHH) विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सूखे की समस्या से जूझ रहे रायलसीमा क्षेत्र में बागवानी गतिविधियों को गति देना है। केंद्र और निजी क्षेत्र के सहयोग से विकसित होने वाली इस परियोजना के जरिए तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के साथ राज्य में बागवानी का दायरा बढ़ाया जाएगा।

ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब की आधारशिला शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने रखी।

इस पहल के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर (ISA) स्थापित करने की भी घोषणा की है। इसे इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित संस्थान में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में उन्नत तकनीकों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब के लिए केंद्र सरकार की सहायता और निजी निवेश के माध्यम से करीब 1 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान है। इसमें केंद्र की ओर से 40,000 करोड़ की सहायता और निजी क्षेत्र से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यह परियोजना रायलसीमा के आठ जिलों को कवर करेगी और बागवानी के माध्यम से क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धन (GVA) को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि परियोजना के तहत बीज विकास से लेकर बाजार और निर्यात तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी फसलों में विविधता लाने के अवसर मिलेंगे और वे सेब, स्ट्रॉबेरी, खजूर और एवोकाडो जैसी फसलों की खेती कर सकेंगे। इससे किसानों के लिए अधिक टिकाऊ आय के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राज्य सरकार बागवानी फसलों के मौजूदा 8.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बढ़ाकर 14.4 लाख हेक्टेयर करने की योजना बना रही है।

अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश के विकास में योगदान देने को इच्छुक है। उन्होंने राज्य में कंपनी के योगदान को और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन भी मांगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आंध्र प्रदेश को एक प्रमुख बागवानी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कृषि निवेश के लिए किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम-किसान जैसी योजनाओं के माध्यम से मिल रहे सरकारी सहयोग का उल्लेख किया।

उन्होंने जलवायु जोखिमों के बीच कृषि को अधिक सक्षम बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इनमें जलवायु अनुकूल फसल किस्मों को बढ़ावा देना और पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं के तहत सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों को प्रोत्साहित करना शामिल है।

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