उत्तर प्रदेश में मछलियों का होगा बीमा, मत्स्य पालन की योजनाओं के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन

मत्स्य विभाग के अनुसार, मछलियों का बीमा पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने यूपी फिश फार्मर ऐप विकसित किया है। इसी ऐप के माध्यम से मछलियों का बीमा कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने और मत्स्य पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। फसल बीमा की तर्ज पर अब राज्य में पहली बार मछलियों का भी बीमा कराया जाएगा। इसके साथ ही मत्स्य पालकों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मत्स्य विभाग के अनुसार, मछलियों का बीमा पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने यूपी फिश फार्मर ऐप विकसित किया है। इसी ऐप के माध्यम से मछलियों का बीमा कराया जाएगा। बाढ़, अत्यधिक वर्षा और विभिन्न बीमारियों के कारण मछलियों की मृत्यु होने पर निर्धारित नियमों के तहत बीमा दावा स्वीकार किया जाएगा। आवेदन, सत्यापन और दावा प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

मत्स्य विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मछलियों के बीमा की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन को अधिक सुरक्षित और जोखिम-मुक्त बनाना है। बीमा व्यवस्था के तहत प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों तथा अन्य कारणों से मछलियों को होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। विभाग का मानना है कि बीमा सुविधा मिलने से निवेश सुरक्षित होगा और मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा।

बीमा के लिए पात्रता

विभाग के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालकों का मत्स्य विभाग में पंजीकृत होना आवश्यक होगा। पात्र लाभार्थियों का चयन विभागीय नियमों के अनुसार किया जाएगा। राज्य के हजारों मत्स्य पालकों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।

पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर

मत्स्य विभाग की इस योजना के तहत मत्स्य पालकों को भी सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा। बीमा अवधि के दौरान दुर्घटना या अन्य पात्र परिस्थितियों में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मत्स्य पालकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन

इसी बीच, मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सेक्टर की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों से 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा।

इन योजनाओं के लिए मांगे गए आवेदन

मत्स्य विभाग ने जिन प्रमुख योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, उनमें शामिल हैं—

  • मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना
  • सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम स्थापना योजना
  • उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत मोपेड विद आइस बॉक्स परियोजना
  • माता यशोदा महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण परियोजना
  • श्रेणी-1, 2 एवं 3 के जलाशयों में केज स्थापना
  • अंतर्देशीय खारे जल क्षेत्रों में नए तालाब निर्माण एवं प्रथम वर्ष निवेश
  • उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना
  • विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना

ऑनलाइन आवेदन 

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करना होगा। परियोजना का विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक अभिलेखों की जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है। पूर्व वर्षों में निरस्त या प्रतीक्षारत आवेदक भी पुनः आवेदन कर सकते हैं।

इच्छुक लाभार्थी मत्स्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल fisheries.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित सहायक निदेशक (मत्स्य) कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।