उत्तराखंड में जल्द लागू होगी नई ट्रैकिंग पॉलिसी, बनेगा नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर

- इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई ट्रैकिंग पॉलिसी लाने की तैयारी - उत्तराखंड में नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर और सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू होगा - नई पर्वत चोटियों को चरणबद्ध तरीके से ट्रैकिंग के लिए खोला जाएगा

उत्तराखंड में जल्द लागू होगी नई ट्रैकिंग पॉलिसी, बनेगा नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर

उत्तराखंड में इको-टूरिज्म को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में ट्रैकिंग, नेचर टूरिज्म और वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अगस्त तक नई ट्रैकिंग पॉलिसी को कैबिनेट के समक्ष लाने तथा प्रदेश में पहली बार औपचारिक नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर और सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इसे स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल विकसित किया जाए, जिससे प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।

बैठक में तय किया गया कि ट्रैकिंग के लिए नई पर्वत चोटियों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। साथ ही, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चिन्हित चोटियों का पर्यावरणीय ऑडिट शीघ्र पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने वन विभाग के अंतर्गत संचालित सभी ट्रैकिंग रूट, पर्वतारोहण गतिविधियों, पर्यटन स्थलों और वन विश्राम गृहों की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। इससे क्षमता से अधिक बुकिंग पर रोक लगेगी और पर्यटकों को पारदर्शी एवं सुविधाजनक व्यवस्था मिल सकेगी।

उन्होंने जबरखेत मॉडल पर विकसित की जा रही नौ इको-टूरिज्म साइटों का अक्टूबर तक लोकार्पण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, वन विश्राम गृहों, 31 चिन्हित ट्रैकिंग साइटों, इको कैंप और इको हब के संचालन के लिए एक माह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बैठक की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा प्रदेश में स्थायी नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना और प्रमाणित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की रही। भारत सरकार के पाठ्यक्रम के साथ स्थानीय आवश्यकताओं को जोड़ते हुए सर्टिफिकेशन कोर्स तैयार किया जाएगा। लक्ष्य है कि अक्टूबर में वन्यजीव सप्ताह के दौरान इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी जाए।

मुख्य सचिव ने वन निगम को और अधिक सक्षम बनाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश भी दिए, ताकि इको-टूरिज्म परियोजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में वन विभाग और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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