जून में खुदरा महंगाई डेढ़ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची, खाद्य महंगाई भी 5% के ऊपर

जून में खाद्य महंगाई 5.32% रहने से देश की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% हो गई, जो दिसंबर 2024 के बाद सबसे अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.45% और शहरी क्षेत्रों में 5.09% रही। अदरक और टमाटर सबसे महंगे रहे, जबकि आलू, मटर और जीरे की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

जून में खुदरा महंगाई डेढ़ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची, खाद्य महंगाई भी 5% के ऊपर

खाद्य महंगाई 5% से अधिक होने के कारण जून में खुदरा महंगाई बढ़ाकर 4.38 प्रतिशत हो गई है। मई में यह 3.93% थी। खुदरा महंगाई का यह आंकड़ा दिसंबर 2024 के बाद सबसे अधिक है, जब महंगाई दर 5.22% थी। 

पिछले महीने खाद्य महंगाई 5.32% दर्ज हुई जो मई में 4.78 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्र में खाद्य महंगाई की दर 5.45 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 5.09 प्रतिशत रही। खाद्य महंगाई का आंकड़ा जनवरी 2025 के बाद सबसे अधिक है। उस महीने खाद्य पदार्थों की खुदरा महंगाई 5.97 प्रतिशत रही थी।

जिन खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली उनमें आलू, मटर और जीरा शामिल हैं। आलू की कीमतों में एक साल पहले की तुलना में 20.34% की गिरावट आई। मई में आलू की महंगाई दर -23.71% थी। मटर की महंगाई दर पिछले महीने 9.67% दर्ज हुई जो मई में 11.47% थी। जीरे के दाम पिछले महीने 3.75% कम रहे, जबकि मई में इसकी महंगाई दर 4.59% थी।

सबसे अधिक दाम बढ़ने वाली वस्तुओं में दो खाद्य पदार्थ शामिल हैं- अदरक और टमाटर। अदरक के दाम एक साल पहले की तुलना में 50.41 प्रतिशत अधिक रहे जबकि टमाटर की कीमतों में 31.92% की वृद्धि देखने को मिली। मई में अदरक की महंगाई दर 32.50% और टमाटर की 48.43 प्रतिशत थी।

अन्य वस्तुओं में कपड़ों की कीमतों में 3.64%, फुटवियर में 0.54% फर्नीचर और कारपेट आदि में 3.27%, घरेलू उपकरणों में 1.57%, बर्तनों में 4.70%, दवा तथा स्वास्थ्य उत्पादों में 1.39% की वृद्धि देखने को मिली।

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