जून में 100 करोड़ डॉलर के चावल का निर्यात, 16.5 प्रतिशत की वृद्धि; उर्वरक आयात में 201% उछाल
जून 2026 में भारत का चावल निर्यात 16.48 प्रतिशत बढ़कर लगभग 100 करोड़ डॉलर पहुंच गया। जेम्स-ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात में भी मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। अप्रैल-जून तिमाही में गैर-पेट्रोलियम और कुल मर्केंडाइज निर्यात में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी से निर्यात क्षेत्र की मजबूती दिखाई दी।
जून माह में भारत से चावल का निर्यात 16.48 प्रतिशत बढ़ा है। वाणिज्य विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने लगभग 100 करोड़ डॉलर का चावल निर्यात किया गया, जबकि जून 2025 में 85.88 करोड़ डॉलर का चावल निर्यात हुआ था। अप्रैल से जून के दौरान भारत से 3.03 अरब डॉलर का चावल निर्यात किया गया और इसमें 4.36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पिछले महीने दालों के आयात में 192.72 प्रतिशत और उर्वरक आयात में 201 प्रतिशत का उछाल भी देखने को मिला।
पिछले महीने मर्केंडाइज निर्यात जून 2025 के 34.98 अरब डॉलर से बढ़कर 40.41 अरब डॉलर हो गया। मर्केंडाइज आयात में तुलनात्मक रूप से काफी बढ़ोतरी हुई है। यह 54.08 अरब डॉलर से बढ़कर 70.84 अरब डॉलर पहुंच गया। सर्विसेज निर्यात में पिछले महीने मामूली वृद्धि हुई। यह 32.11 अरब डॉलर की तुलना में 33.03 अरब डॉलर रहा। सर्विसेज आयात 15.90 अरब डॉलर से बढ़कर 17.92 अरब डॉलर हुआ है। मर्केंडाइज और सर्विसेज, दोनों मिलाकर निर्यात 67.09 अरब डॉलर की तुलना में 73.45 अरब डॉलर और आयात 69.98 अरब डॉलर के मुकाबले 88.76 अरब डॉलर रहा।
चावल के अलावा अन्य कृषि उत्पादों में चाय के निर्यात में पिछले महीने 19.21 प्रतिशत और कॉफी में 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। चाय का सिर्फ 6.72 करोड़ डॉलर का निर्यात हुआ जबकि जून 2025 में 8.31 करोड़ डॉलर की चाय विदेश भेजी गई थी। कॉफी निर्यात 18.43 करोड़ डॉलर के मुकाबले 17.13 करोड़ डॉलर का रह गया। मसाले, काजू, खली और तिलहन के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। फल सब्जियों का निर्यात जरूर 1.31 प्रतिशत बढ़ा है और इसका आंकड़ा 25.77 करोड़ डॉलर की तुलना में 26.11 करोड़ डॉलर हो गया।
जेम्स-ज्वैलरी निर्यात में 34.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इनका निर्यात 1.79 अरब डॉलर से बढ़कर 2.41 अरब डॉलर का हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में पिछले महीने 18.93 प्रतिशत इजाफा हुआ है। यह 4.14 अरब डॉलर से बढ़कर 4.93 अरब डॉलर पहुंच गया।
ऑर्गेनिक और इन-ऑर्गेनिक रसायनों के निर्यात में 19.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके निर्यात का आंकड़ा 2.32 अरब डॉलर से बढ़कर 2.77 अरब डॉलर हो गया। इसी तरह इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात जून 2025 में 9.51 अरब डॉलर का था, यह पिछले महीने 20.74 प्रतिशत बढ़कर 11.48 अरब डॉलर पहुंच गया।
वित्त वर्ष की पहली तिमाही, अप्रैल से जून तक गैर-पेट्रोलियम वस्तुओं के निर्यात में 106.30 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और इसमें 12.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कुल मर्केंडाइज निर्यात 15.92 प्रतिशत बढ़कर 129.32 अरब डॉलर पहुंचा है। मर्केंडाइज और सर्विसेज, दोनों मिलाकर निर्यात में 11.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है और इसका आंकड़ा 208.98 अरब डॉलर से बढ़कर 232.73 अरब डॉलर हो गया है।
अप्रैल-जून के दौरान कुल आयात 229.82 अरब डॉलर की तुलना में 270.15 अरब डॉलर हो गया। इस कारण व्यापार घाटे में भी इजाफा हुआ है। यह 20.85 अरब डॉलर से बढ़कर 37.42 अरब डॉलर हो गया है।
दाल आयात में 193%, उर्वरक आयात में 201% उछाल
जून में वनस्पति तेलों के आयात में 2.58 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन दलहन आयात 192.72 प्रतिशत बढ़ गया। पिछले महीने 1.61 अरब डॉलर के वनस्पति तेल और 26.86 करोड़ डॉलर के दालों का आयात किया गया। पूरी तिमाही में वनस्पति तेल आयात 4.28 अरब डॉलर और दलहन आयात 71.68 करोड़ डॉलर का रहा। फल-सब्जियों के आयात में पिछले महीने 23.36 प्रतिशत और तिमाही में 29.79 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
तैयार एवं कच्चे माल के रूप में उर्वरकों के आयात में जून में 201.29 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। इनका 2.29 अरब डॉलर का आयात किया गया जबकि जून 2025 में 76.09 करोड़ डॉलर का आयात हुआ था। पूरी तिमाही में आयात 2.10 अरब डॉलर से बढ़कर 3.84 अरब डॉलर हो गया।

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