विदर्भ में सोयाबीन बीजों के खराब अंकुरण से किसान परेशान, आ सकती है दोबारा बुवाई की नौबत

कमजोर मॉनसून के बीच महाराष्ट्र के विदर्भ में सोयाबीन किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अमरावती संभाग में सोयाबीन बीजों के खराब अंकुरण के बाद कई किसानों के सामने दोबारा बुवाई की नौबत आ सकती है। कृषि विभाग ने शिकायतों की जांच के लिए समितियां गठित की हैं और बीजों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

विदर्भ में सोयाबीन बीजों के खराब अंकुरण से किसान परेशान, आ सकती है दोबारा बुवाई की नौबत

अब तक कमजोर मॉनसून की चुनौती से जूझ रहे महाराष्ट्र के विदर्भ में सोयाबीन उत्पादक किसानों के सामने नई मुश्किल पैदा हो गई है। सोयाबीन की बुवाई के बाद बीजों का अंकुरण नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं।

राज्य के कृषि विभाग को अमरावती संभाग के पांच जिलों में सोयाबीन बीजों के कम अंकुरण से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें मिली हैं। कई किसानों का दावा है कि महंगे प्रमाणित बीज खरीदने के बावजूद खेतों में केवल 10 से 20 प्रतिशत तक अंकुरण हुआ, जिसके कारण उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ रही है।

मॉनसून में देरी के कारण किसान पहले ही खरीफ की बुवाई को लेकर परेशान थे। बारिश होने के बाद किसानों ने सोयाबीन की बुवाई शुरू की, लेकिन कई क्षेत्रों में बीजों का अपेक्षित अंकुरण नहीं होने के कारण अब दोबारा बुवाई की नौबत आ गई है।

कृषि विभाग ने गठित की जांच समितियां

कृषि विभाग ने सोयाबीन के खराब अंकुरण से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए तालुका स्तर पर विशेष समितियां गठित की हैं। विभाग के अधिकारियों को खेतों में जाकर शिकायतों की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। बीजों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि बीज कंपनियां उनकी शिकायतों की अनदेखी कर रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से बीज खरीद का बिल, पैकेट पर लगा टैग और उपलब्ध बीज नमूना सुरक्षित रखने को कहा है।

इस बीच, प्रभावित किसानों ने मुआवजे और खराब गुणवत्ता वाले बीजों के लिए जिम्मेदार कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

महाराष्ट्र के सोयाबीन क्षेत्र के लिए चिंता

महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्यों में शामिल है और विदर्भ का अमरावती संभाग इसके प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में से एक है। ऐसे में अंकुरण की समस्या का दायरा बढ़ने पर किसानों की लागत बढ़ सकती है और फसल की शुरुआती वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है।

महाराष्ट्र में खराब सोयाबीन बीजों और अंकुरण विफलता का मुद्दा नया नहीं है। वर्ष 2020 में राज्य के किसानों ने 50 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज कराई थीं और कृषि विभाग ने कई बीज कंपनियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। मौजूदा शिकायतों की संख्या अभी उस स्तर से काफी कम है, लेकिन खरीफ सीजन के शुरुआती चरण में 907 शिकायतों का सामने आना निगरानी और त्वरित जांच की जरूरत को रेखांकित करता है।

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