उत्तराखंड: किसान आत्महत्या पर विपक्ष ने सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यह केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि धामी सरकार और राज्य पुलिस के माथे पर कलंक है।

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मंगलवार को ऊधमसिंह नगर के ग्राम पैगा पहुंचकर मृतक किसान के परिजनों से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

कांग्रेस नेताओं ने किसान आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यह केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि धामी सरकार और राज्य पुलिस के माथे पर कलंक है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक किसान के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और एसएसपी समेत आरोपी पुलिस अधिकारियों पर कठोर एक्शन लिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों। 

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इस मामले में पुलिस कर्मियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार के कारण एक किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करने, मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।

सीएम धामी ने दिलाया न्याय का भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसान सुखवंत सिंह के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में किसी भी स्तर पर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही उच्चाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए और कुमाऊं कमिश्नर को मजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही पीड़ित परिवार से भी मुलाकात करेंगे।

क्या है मामला? 

किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित देवभूमि होटल में शनिवार देर रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के दो दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें कई लोगों पर करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। पुलिस वालों पर भी रुपये लेकर कार्रवाई नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया था। किसान की आत्महत्या से पुलिसकर्मी भी शक के घेरे में आ गए। 

इस मामले में एसएसपी ऊधमसिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला और दरोगा प्रकाश सिंह बिष्ट को निलंबित कर दिया है। वहीं, चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार समेत दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मृतक किसान के परिजनों और किसान यूनियन की ओर से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की जा रही है।