तेलंगाना के कृषि क्षेत्र को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL) और हैदराबाद एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव एसोसिएशन (HACA) ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य राज्य की सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों के निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। हैदराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में तेलंगाना सरकार के कृषि एवं सहकारिता सचिव के. सुरेंद्र मोहन (IAS) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एनसीईएल के प्रबंधन निदेशक अनुपम कौशिक ने बताया कि एचएसीए और एनसीईएल के बीच यह साझेदारी तेलंगाना की सहकारी समितियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और उनके उत्पादों को प्रतिस्पर्धा में लाने का प्रयास करेगी। यह समझौता किसानों, सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण समुदायों को निर्यात आधारित सतत विकास के माध्यम से सशक्त बनाने की दोनों संगठनों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
वैश्विक बाजारों से जुड़ेंगे स्थानीय किसान
इस समझौता के तहत:
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बाजार पहुंच: स्थानीय सहकारी समितियों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ा जाएगा। निर्यात योग्य कृषि एवं संबद्ध उत्पादों की पहचान और प्रोत्साहन
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प्रतिस्पर्धात्मकता: उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
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खरीद और विपणन: NCEL निर्यात योग्य अधिशेष (Surplus) उत्पादों की खरीद और मार्केटिंग में सक्रिय भूमिका निभाएगा
- लाभकारी मूल्य श्रृंखला: निर्यात योग्य उत्पादों के लिए एक सतत और लाभकारी मूल्य श्रृंखला विकसित की जाएगी, जो
जो अंतरराष्ट्रीय मानकों और मांग को पूरा कर सके और किसानों को दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करे।
समावेशी विकास पर जोर
समझौते के तहत NCEL की निर्यात विशेषज्ञता और HACA के जमीनी नेटवर्क का यह मेल राज्य को एक प्रमुख 'एक्सपोर्ट हब' के रूप में विकसित करने में सहायक होगा और
तेलंगाना के कृषि एवं सहकारिता सचिव के. सुरेंद्र मोहन ने कहा,"यह सहयोग तेलंगाना के कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा।"
HACA के अधिकारियों के अनुसार, यह साझेदारी बाजार पहुंच (Market Access) से जुड़ी पुरानी बाधाओं को दूर करेगी। अब तक सहकारी समितियों के पास अधिशेष उत्पादन तो था, लेकिन वैश्विक खरीदारों तक पहुंचने के लिए संरचित चैनलों की कमी थी। यह समझौता उस कमी को पूरा कर किसानों की आय में सीधे वृद्धि करेगा।
यह साझेदारी तेलंगाना के सहकारी निर्यात परिदृश्य को नया स्वरूप देने और राज्य को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।