सहकारिता को नया स्वरूप और नई भूमिका दे रही है केंद्र सरकार: आनंदी, सहकारिता रजिस्ट्रार, राजस्थान
सहकारिता रजिस्ट्रार, आनंदी ने कहा कि कृषि और उद्योग, दोनों ही क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृभको राजस्थान के किसानों के लिए सहकारिता के माध्यम से सराहनीय कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी सोच के तहत सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया गया है, जिस पर केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह पूरी तरह से फोकस किए हुए हैं। पहले सहकारिता कृषि मंत्रालय का ही एक अंग थी, लेकिन अब इसे नया स्वरूप दिया गया है और इसकी नई भूमिका तय की जा रही है। ये बातें राजस्थान सरकार में सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता आनंदी ने यह बातें कहीं। वह जयपुर में कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) द्वारा राजस्थान राज्य के लिए आयोजित व्यापार योजना समीक्षा एवं योजना बैठक 2026–27 को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में सहकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। कृषि और उद्योग, दोनों ही क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में प्रसन्नता का विषय है कि कृभको राजस्थान के किसानों के लिए सहकारिता के माध्यम से सराहनीय कार्य कर रहा है।
सहकारिता रजिस्ट्रार ने कहा कि पहले हमारा दृष्टिकोण किसानों तक कृषि इनपुट, जैसे बीज और खाद पहुंचाने तक सीमित था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सोच में बदलाव किया है। अब प्राथमिक लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है। हम जो भी योजनाएं बना रहे हैं, उनका उद्देश्य किसानों की आमदनी में वृद्धि करना होना चाहिए। प्रधानमंत्री के इसी नजरिये को ध्यान में रखते हुए सभी को अपनी योजना बनानी है और कृभको इस दिशा में पूरी तरह सक्षम है। कृभको से जो अपेक्षाएं थीं, वे पूरी हो रही हैं। यह बैठक न केवल कृभको, बल्कि राजस्थान राज्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कृभको के निदेशक (वित्त एवं विपणन), मनीष कुमार ने कहा कि कृभको देशभर में, विशेषकर राजस्थान जैसे कृषि-प्रधान राज्यों में, किसानों की समृद्धि को केंद्र में रखकर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्नत उर्वरकों की समय पर उपलब्धता, सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण और किसान-हितैषी पहलों के माध्यम से कृभको ने खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में कृभको द्वारा सहकारी नेटवर्क को मजबूत करने, किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराने तथा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नई कृषि तकनीकों से जोड़ने का कार्य प्रभावी रूप से किया जा रहा है। इससे न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिली है। कृभको का निरंतर प्रयास है कि सहकार से समृद्धि के मंत्र को साकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य ‘विकसित भारत 2047’ में कृषि क्षेत्र को एक मजबूत आधार प्रदान किया जाए। आने वाले समय में भी कृभको नवाचार, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ देश के किसानों के भरोसे पर खरा उतरता रहेगा।
कृभको के उप महाप्रबंधक (विपणन, उत्तर), गजेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान जैसे विस्तृत और विविध कृषि-परिस्थितियों वाले राज्य में कृभको किसानों की आवश्यकताओं को समझते हुए जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। राज्य के प्रत्येक कोने तक गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की समय पर आपूर्ति, सहकारी समितियों के साथ निरंतर समन्वय और किसान-केंद्रित विपणन पहलों के माध्यम से कृभको कृषि विकास को नई दिशा दे रहा है। राजस्थान में कृभको द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता शिविर, किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार से किसानों को न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है, बल्कि लागत घटाकर आय में स्थिरता भी आ रही है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाना कृभको की प्राथमिकता रही है।
बैठक के दौरान बताया गया कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ कृषि मुख्यतः मानसून और सीमित सिंचाई पर निर्भर है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 60 प्रतिशत भाग कृषि के अंतर्गत आता है, जो ग्रामीण आजीविका और राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
बैठक में राजस्थान के उर्वरक बाजार की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए संतुलित पोषण और कुशल इनपुट प्रबंधन की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया गया। कृभको द्वारा यूरिया, डीएपी, एनपीके, जैव उर्वरक, जिंक सल्फेट, बीज एवं अन्य उत्पादों की आपूर्ति के माध्यम से राज्य की कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
कृभको प्रबंधन ने वर्ष 2026–27 के लिए उर्वरक एवं कृषि इनपुट की उपलब्धता सुदृढ़ करने, वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने, किसान-केंद्रित सेवाओं के विस्तार तथा उत्पाद मिश्रण को बेहतर बनाने की रणनीति साझा की। बैठक के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा आगामी कार्ययोजना पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा राजस्थान में कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कृभको की सतत भूमिका को दोहराया गया।
इस बैठक में कृभको के राज्य प्रबंधक (विपणन) श्री आर.एस. राठौर; संयुक्त महाप्रबंधक (विपणन) डॉ. तेजिंदर कुमार; संयुक्त महाप्रबंधक (विपणन) डॉ. प्रदीप कुमार; उप महाप्रबंधक (विपणन) श्री अजय सिंह; व संयुक्त महाप्रबंधक (विपणन एवं जनसंपर्क) डॉ. वी.के. तिवारी आदि उपस्थित थे।

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