ऑस्ट्रेलिया ने डेयरी जेनेटिक्स के लिए नया नेशनल ब्रीडिंग ऑब्जेक्टिव लागू किया

ऑस्ट्रेलिया ने डेयरी जेनेटिक्स के लिए अपने नेशनल ब्रीडिंग ऑब्जेक्टिव को अपडेट किया है। इसके लिए 2020 में जन्मी गायों को नया बेस बनाने के साथ नया मूल्यांकन फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। नए ऑब्जेक्टिव के अनुसार कई कारणों से पशुओं में ब्रीडिंग वैल्यू (ABV) में कमी आई है। हालांकि BPI, HWI और SI में वृद्धि हुई। यह सुधार आधुनिक, सस्टेनेबल और लाभकारी डेयरी पालन के अनुरूप है।

ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही डेयरी पशु प्रजनन के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार लागू किया है। इसके तहत नेशनल ब्रीडिंग ऑब्जेक्टिव (NBO) में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिन्हें हाल के वर्षों में आनुवंशिक मूल्यांकन प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट माना जा रहा है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य डेयरी प्रजनन को आधुनिक उत्पादन प्रणालियों, बदलती कृषि अर्थव्यवस्था और दीर्घकालिक स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप बनाना है।

संशोधित NBO के तहत एक उन्नत जेनेटिक मूल्यांकन ढांचा लागू किया गया है, जिसमें एनिमल ब्रीडिंग वैल्यू (ABV) की गणना और व्याख्या की पद्धति में बदलाव किए गए हैं। इस सुधार का सबसे अहम पहलू बेस अपडेट है, जिसके तहत अब 2020 में जन्मी गायों को संदर्भ आबादी के रूप में लिया गया है। पुराने संदर्भ समूहों की तुलना में यह बदलाव अधिक समकालीन और यथार्थवादी आधार प्रदान करता है।

इस बेस अपडेट के परिणामस्वरूप कई गुणों में ABV में सामान्य गिरावट देखी गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब आनुवंशिक प्रगति में कमी नहीं है। इसके विपरीत, यह दर्शाता है कि पशुओं में पहले ही पर्याप्त आनुवंशिक सुधार हो चुका है और नए मानक उसी उन्नत स्तर को प्रतिबिंबित करते हैं। जैसे-जैसे औसत गाय का प्रदर्शन बेहतर होता है, संदर्भ आधार को आगे बढ़ाना आवश्यक हो जाता है ताकि जेनेटिक आकलन में कृत्रिम बढ़ोतरी न हो।

दिलचस्प बात यह है कि व्यक्तिगत गुणों में ABV घटने के बावजूद प्रमुख चयन सूचकांकों में वृद्धि दर्ज की गई है। बैलेंस्ड परफॉर्मेंस इंडेक्स (BPI), हेल्थ वेटेड इंडेक्स (HWI) और सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स (SI) सब में सुधार हुआ है। यह बढ़ोतरी संशोधित आर्थिक वेटेज के कारण हुई है, जिसमें मौजूदा बाजार स्थितियों, दूध के मूल्य की संरचना और फैट व प्रोटीन के सापेक्ष महत्व को बेहतर ढंग से शामिल किया गया है।

नस्ल-विशिष्ट प्रभाव भी स्पष्ट हैं। होल्सटीन और जर्सी दोनों नस्लों में समग्र टाइप और मैमरी (थन) गुणों के ABV में सुधार देखा गया है। हालांकि, होल्सटीन में प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) का ABV घटा है, जिसका कारण व्यापक आबादी में हुए सुधार से औसत स्तर का ऊपर उठना है। जर्सी नस्ल में दूध की मात्रा (मिल्क लीटर) के ABV में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो मुख्य रूप से नए बेस और आर्थिक प्राथमिकताओं में बदलाव से जुड़ी है।

नए NBO में संरचनात्मक सुधार भी जोड़े गए हैं। इनमें टाइप गुणों (ट्रेट) के लिए ऑप्टिमम एक्सप्रेशन मार्कर शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अत्यधिक विशेषताओं से बचते हुए संतुलित और व्यावहारिक पशुओं को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही सर्वाइवल ABV के लिए एक नया मॉडल लागू किया गया है, जो अल्पकालिक उत्पादन की बजाय दीर्घायु और लचीलापन पर अधिक जोर देता है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपडेट वैश्विक डेयरी जेनेटिक्स के रुझानों के अनुरूप है, जहां अब केवल उत्पादन नहीं, बल्कि लाभप्रदता, पशु स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता और पर्यावरणीय स्थिरता को भी समान महत्व दिया जा रहा है। संशोधित नेशनल ब्रीडिंग ऑब्जेक्टिव से डेयरी किसानों को ऐसे पशु विकसित करने में मदद मिलेगी जो अधिक उत्पादक होने के साथ-साथ मजबूत, कुशल और बदलती जलवायु व आर्थिक परिस्थितियों में टिकाऊ साबित हों।