अमेरिकी सरकार किसानों को देगी 12 अरब डॉलर का कृषि सहायता पैकेज, चावल और कपास के लिए सबसे ज्यादा मदद

अमेरिकी सरकार ने किसानों को बढ़ती लागत और बाजार अनिश्चितता से राहत देने के लिए 2026 में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कृषि सहायता पैकेज घोषित किया है। पूरे पैकेज का बड़ा हिस्सा सीधे किसानों को एकमुश्त सहायता के रूप में दिया जाएगा।

अमेरिकी सरकार किसानों को देगी 12 अरब डॉलर का कृषि सहायता पैकेज, चावल और कपास के लिए सबसे ज्यादा मदद

भारतीय किसानों की फसलों के दाम की सुरक्षा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था मांग की आलोचना करने वाले लोगों के लिए खबर है कि बढ़ती लागत और कमजोर कीमतों की भरपाई के लिए अमेरिका इस साल अपने किसानों को करीब एक लाख करोड़ रुपये (12 अरब डॉलर) की मदद देगा। जबकि अमेरिकी किसानों की संख्या सीमित है और वहां लैंड होल्डिंग हजारों हैक्टेयर में है। अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक एल. रॉलिन्स ने 31 दिसंबर, 2025 को किसानों को सरकारी सहायता (एफबीए) का यह पैकेज लागू करने के कार्यक्रम की घोषणा की।

अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, अमेरिकी सरकार किसानों को बढ़ती लागत, खेती के घाटे और उपज कीमतों में गिरावट से राहत देने के लिए 12 अरब डॉलर (एक लाख करोड़ रुपये से अधिक) का कृषि सहायता पैकेज (FBA) देने जा रही है। पिछले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2026 के दौरान किसानों को यह सहायता देने का ऐलान किया था।

अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने विभिन्न कृषि उपजों के लिए प्रति एकड़ मिलने वाली सहायता राशि घोषित कर दी है। इसके तहत चावल उगाने वाले किसानों को सबसे अधिक 132.89 डॉलर (लगभग 12 हजार रुपये) प्रति एकड़, जबकि कपास के लिए 117.35 डॉलर प्रति एकड़ की दर से भुगतान मिलेगा।

यूएसडीए के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत कुल 12 अरब डॉलर के पैकेज में से 11 अरब डॉलर का एकमुश्त भुगतान सीधे किसानों को किया जाएगा, जबकि शेष 1 अरब डॉलर विशेष फसलों और चीनी क्षेत्र के लिए आरक्षित रखा गया है।

कृषि सहायता पैकेज की दरों की घोषणा करते हुए अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक एल. रॉलिन्स ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को ऊंची लागत और कृषि अर्थव्यवस्था में लंबे समय से बनी अनिश्चितता से उबरने में मदद करना है।

रॉलिन्स ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने कृषि अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने का वादा किया है। ये भुगतान दरें किसानों को वसंत ऋतु की बुआई की योजना बनाते समय वित्तीय भरोसा देंगी। ‘फार्मर्स फर्स्ट’ का मतलब है जरूरत के समय वास्तविक राहत। पात्र किसानों के बैंक खातों में 28 फरवरी 2026 तक भुगतान पहुंचने की उम्मीद है।”

USDA का कहना है कि इस सहायता से किसानों को खेती में बने रहने में मदद मिलेगी। ट्रंप प्रशासन अमेरिकी किसानों के लिए नए बाजार खोलने और कृषि सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। 

प्रति एकड़ भुगतान दरें

कार्यक्रम के तहत कई प्रमुख फसलों के लिए भुगतान दरें तय की गई हैं। इनमें चावल को सबसे अधिक $132.89 प्रति एकड़ और कपास को $117.35 प्रति एकड़ की सहायता मिलेगी। अन्य प्रमुख दरों में मक्का (कॉर्न) के लिए $44.36, गेहूं के लिए $39.35, सोयाबीन के लिए $30.88 और मूंगफली के लिए $55.65 प्रति एकड़ शामिल हैं। इसके अलावा जौ, कैनोला, चना, ज्वार, सूरजमुखी, ओट्स, तिल, फ्लैक्स, मसूर, सरसों, मटर और सैफ्लावर जैसी फसलें भी कार्यक्रम के दायरे में हैं।

भुगतान का निर्धारण वर्ष 2025 में बोए गए रकबे, उत्पादन लागत के अनुमानों और वैश्विक कृषि आपूर्ति-मांग के आकलन के आधार पर किया गया है। कुल 12 अरब डॉलर के इस पैकेज में से 1 अरब डॉलर विशेष फसलों और चीनी क्षेत्र के लिए आरक्षित रखा गया है।

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