दुनिया के कई प्रमुख कृषि उत्पादक क्षेत्रों में उम्मीद से बेहतर बारिश होने के बाद गेहूं और अन्य मोटे अनाजों के उत्पादन की संभावनाओं में सुधार हुआ है। इससे आपूर्ति में कमी और खाद्य महंगाई बढ़ने की पहले जताई जा रही आशंकाएं कम हुई हैं। वैश्विक फसल एवं मौसम आकलन के अनुसार, कई क्षेत्रों में समय पर हुई बारिश से फसलों की संभावित उपज और मिट्टी में नमी की स्थिति बेहतर हुई है।
इससे पहले पश्चिमी यूरोप, कनाडा और अमेरिका में सूखे के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी कम बारिश का खतरा मंडरा रहा था। हालांकि, कई क्षेत्रों में समय पर हुई वर्षा ने इन चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है।
भारत में मानसून के अंतिम चरण की बारिश से ऊपरी मिट्टी में नमी बढ़ी है, जिससे गेहूं, जौ और अन्य रबी फसलों की संभावनाओं को सहारा मिला है। उत्तरी भारत में रेपसीड और बाजरा जैसी फसलों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में फसलों की संभावनाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। समय पर हुई बारिश से सर्दियों की फसलों को मदद मिली और प्रजनन तथा दाना भरने की अवस्थाओं के दौरान भी पर्याप्त नमी बनी रही। इसके बावजूद, इस साल उत्पादन पिछले वर्ष से कम रहने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह अल नीनो की आशंका के चलते क्वींसलैंड और उत्तरी न्यू साउथ वेल्स में कम क्षेत्र में बुवाई होना है। देश के अन्य हिस्सों में अनुकूल बारिश और अत्यधिक गर्मी का अभाव फसलों के लिए लाभकारी रहा है।
कनाडा में ठंड और अत्यधिक नमी के कारण बुवाई में देरी हुई थी। कुछ क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और अन्य हिस्सों में सूखे के कारण उत्पादन में बड़ी गिरावट की आशंका जताई गई थी। हालांकि, गर्मियों के दौरान मौसम में सुधार से उपज पहले लगाए गए अनुमानों से बेहतर रहने की संभावना है। हालांकि कुल उत्पादन अपेक्षाकृत कम ही रहेगा।
पश्चिमी यूरोप में मार्च से सूखे की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद, अधिकांश फसलों में प्रजनन की महत्वपूर्ण अवस्थाएं वसंत और गर्मियों की सबसे अधिक गर्मी आने से पहले पूरी हो गई थीं। अक्टूबर के अंतिम दिनों में हुई भारी बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ने और वर्ष 2026-27 की सर्दियों की फसलों के बेहतर होने की उम्मीद है।
यूक्रेन और बाल्कन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में समय पर हुई बारिश से फसलों की संभावनाएं सुधरी हैं। चीन के गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में भी हाल की बारिश से मिट्टी में नमी लगभग अनुकूल स्तर पर पहुंच गई है।
दक्षिण अफ्रीका में सर्दियों की फसलों के लिए मौसम अनुकूल रहा है, हालांकि पश्चिमी क्षेत्रों में कम बुवाई से उत्पादन सीमित रह सकता है। अर्जेंटीना में भी सर्दियों की फसलों की अच्छी उपज की उम्मीद है। वहीं, अमेरिका के हार्ड रेड विंटर गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में हाल की बारिश से अंकुरण और फसल स्थापना की स्थिति बेहतर हुई है।
इसके बावजूद, कुछ क्षेत्रों में जोखिम बने हुए हैं। दक्षिणी रूस में लगातार कम बारिश से अनाज उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। भारत में भी रबी फसल प्रजनन और दाना भरने की अवस्थाओं के दौरान गर्मी तथा नमी की कमी को लेकर चिंता बनी हुई है। ब्राजील में फसल के अंतिम चरण में अत्यधिक नमी से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने का अनुमान है।
कुल मिलाकर, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, अमेरिका, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में बेहतर बारिश से गेहूं उत्पादन की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। आने वाले महीनों में कई अन्य फसलों का उत्पादन भी उम्मीद से बेहतर रह सकता है, हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में मौसम संबंधी जोखिम बने हुए हैं।