इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) ने सिंतबर महीने के अपने अपडेट में 2026-27 के दौरान वैश्विक चावल उत्पादन में गिरावट का अंदेशा जताया है। उसने भारत में खरीफ चावल के कम उत्पादन को इसका प्रमुख कारण बताया है। वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद विश्व चावल उत्पादन के अगस्त के अनुमान की तुलना में 50 लाख टन घटने का अनुमान है।
IGC ने 2026-27 के लिए वैश्विक चावल खपत का अनुमान भी पिछले अनुमान के मुकाबले 30 लाख टन घटाया है। हालांकि, शुरुआती स्टॉक अधिक रहने से कम उत्पादन और खपत के प्रभाव की काफी हद तक भरपाई होने की उम्मीद है। इससे वैश्विक स्तर पर अंतिम स्टॉक का अनुमान अगस्त के मुकाबले लगभग अपरिवर्तित रहेगा। भारत में भी चावल के स्टॉक में मामूली कमी आने की संभावना है।
इसके बावजूद वैश्विक चावल खपत सालाना आधार पर एक प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। एशिया और अफ्रीका के प्रमुख बाजारों में बढ़ती मांग इसे समर्थन देगी। अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी मजबूत रहने की उम्मीद है और 2027 में चावल व्यापार का अनुमान 6.17 करोड़ टन पर बरकरार रखा गया है। IGC के अनुसार वैश्विक चावल व्यापार में 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है, जिसमें उप-सहारा अफ्रीका की मांग प्रमुख भूमिका निभाएगी।
चावल के विपरीत IGC ने 2026-27 के लिए गेहूं और जौ के उत्पादन अनुमानों को बढ़ाया है, जिससे मक्का और ज्वार के उत्पादन अनुमानों में कमी की भरपाई से अधिक हो गई है। इसके परिणामस्वरूप कुल वैश्विक अनाज उत्पादन का अनुमान पिछले महीने की तुलना में 40 लाख टन बढ़कर 242 करोड़ टन हो गया है। हालांकि, यह पिछले सीजन के रिकॉर्ड स्तर से अभी कम है।
वैश्विक अनाज खपत का अनुमान 244.4 करोड़ टन पर अपरिवर्तित रखा गया है। आपूर्ति में कमी और ऊंची कीमतों से मांग पर दबाव रहने की संभावना है। वैश्विक अंतिम स्टॉक 60.8 करोड़ टन और अनाज व्यापार 45.1 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 1.6 करोड़ टन कम है।
काउंसिल का कहना है कि गेहूं बाजार में आपूर्ति और व्यापार संबंधी व्यवधान बने हुए हैं, खासकर काला सागर से निर्यात में गंभीर रुकावटों के कारण। IGC के अनुसार वैश्विक गेहूं व्यापार का प्रवाह असामान्य रूप से धीमा बना रहेगा। मक्का का परिदृश्य भी कमजोर हुआ है। नवीनतम रिपोर्ट से पहले चार सप्ताह में मक्का सब-इंडेक्स में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका कारण अमेरिका में कम आपूर्ति की संभावना और यूक्रेन से निर्यात में लगातार व्यवधान है।
सोयाबीन का परिदृश्य इससे अलग है। दक्षिण अमेरिकी देशों में मामूली मासिक संशोधन के बावजूद 2026-27 में वैश्विक सोयाबीन उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। उत्पादन में 3 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है, जबकि वैश्विक उपयोग भी नए उच्च स्तर पर पहुंच सकता है। विश्व सोयाबीन व्यापार करीब 19.1 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 2 प्रतिशत अधिक होगा और लगातार पांचवीं वार्षिक वृद्धि होगी।