FAO ने 2026 के वैश्विक अनाज उत्पादन का अनुमान 34 लाख टन घटाया, उत्पादन पिछले साल से 2 प्रतिशत कम
FAO ने 2026 के वैश्विक अनाज उत्पादन का अनुमान 34 लाख टन घटाकर 298 करोड़ टन कर दिया है, जो पिछले साल से 2 प्रतिशत कम है। यूरोप में गर्मी और सूखे से मक्के की संभावनाएं कमजोर हुई हैं, जबकि गेहूं के अनुमान में सुधार हुआ है। वैश्विक अनाज भंडार भी घटने का अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने 2026 के वैश्विक अनाज उत्पादन के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 34 लाख टन की कटौती की है। अब वैश्विक अनाज उत्पादन 298 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 611 लाख टन या 2 प्रतिशत कम है। हालांकि इसके बावजूद 2026 का उत्पादन अब तक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन स्तर होगा। FAO ने यह अनुमान अपने ताजा अनाज आपूर्ति एवं डिमांड ब्रीफ में दिया है।
इस गिरावट की मुख्य वजह मक्का है। FAO ने वैश्विक मक्का उत्पादन का अनुमान 130.9 करोड़ टन किया है, जो जून के अनुमान से 0.6 प्रतिशत कम है। यूरोपीय संघ, खासकर फ्रांस और पोलैंड में लगातार गर्म और शुष्क मौसम ने फसल की संभावनाओं को कमजोर किया है। इन देशों में उपज पांच साल के औसत से नीचे रहने की आशंका है।
भारत और पराग्वे के अनुमानों में मामूली कमी ने भी वैश्विक उत्पादन अनुमान को प्रभावित किया है। हालांकि, अर्जेंटीना और ब्राजील में बेहतर उत्पादन संभावनाओं से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इन देशों में अपेक्षा से बेहतर पैदावार के चलते मक्के का उत्पादन औसत से ऊपर रहने का अनुमान है।
गेहूं के उत्पादन अनुमान में सुधार, चावल में गिरावट
FAO ने 2026 के वैश्विक गेहूं उत्पादन का अनुमान 42 मिलियन टन या 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 81.07 करोड़ टन कर दिया है। हालांकि यह पिछले वर्ष के उत्पादन से अब भी 3.8 प्रतिशत कम होगा। कनाडा और मोरक्को में बेहतर उत्पादन संभावनाओं के साथ रूस और यूक्रेन के लिए अनुमान में सुधार ने यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में संभावित गिरावट की भरपाई की है। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में अत्यधिक गर्मी तथा अपर्याप्त बारिश के कारण गेहूं की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
2026-27 में वैश्विक चावल उत्पादन 55.31 करोड़ टन (मिल्ड) रहने का अनुमान है, जो संशोधित 2025-26 उत्पादन से 1.9 प्रतिशत कम है। FAO के अनुसार, उत्पादकों के कमजोर मार्जिन और अल नीनो से जुड़ी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियां उत्पादन में गिरावट की प्रमुख वजह हो सकती हैं।
2026-27 में वैश्विक अनाज उपयोग 296.5 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले सीजन से 0.2 प्रतिशत अधिक है। चावल की खपत बढ़कर 55.9 करोड़ टन रह सकती है, जिसमें आबादी बढ़ने के कारण खाद्य मांग में वृद्धि का प्रमुख योगदान होगा। हालांकि, 2026-27 मार्केटिंग सीजन के अंत में वैश्विक अनाज भंडार का अनुमान 107 लाख टन घटाकर 94.72 करोड़ टन कर दिया गया है।
वैश्विक अनाज व्यापार में मामूली वृद्धि
FAO ने 2026-27 के लिए वैश्विक अनाज व्यापार का अनुमान मामूली रूप से बढ़ाकर 50.93 करोड़ टन किया है। इसका मुख्य कारण मक्के के व्यापार की बेहतर संभावनाएं हैं। अमेरिका के दुनिया का सबसे बड़ा मक्का निर्यातक बने रहने की उम्मीद है, जबकि अर्जेंटीना का मक्का निर्यात 390 लाख टन तक पहुंच सकता है।
हालांकि, ब्लैक सी क्षेत्र से अनाज निर्यात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जहाजों की आवाजाही, लॉजिस्टिक्स और वैकल्पिक निर्यात मार्गों की क्षमता से जुड़ी बाधाएं बाजार के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं। FAO का अनुमान है कि वैश्विक अनाज व्यापार 2025-26 में दर्ज रिकॉर्ड स्तर से नीचे रहेगा। 2026 में अंतरराष्ट्रीय चावल व्यापार का अनुमान बढ़ाकर 605 लाख टन किया गया है। फिर भी यह 2025 के रिकॉर्ड स्तर से 1.9 प्रतिशत कम रहेगा, क्योंकि एशिया और अफ्रीका में आयात मांग कमजोर रहने का अनुमान है।

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