आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग बढ़ाने के लिए Farm Peace ने बीएसई एसएमई पर लॉन्च किया आईपीओ, 32 करोड़ रुपये जुटाने का इरादा

Farm Peace Limited ने कार्यशील पूंजी जुटाने और आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के कारोबार को विस्तार देने के लिए BSE SME प्लेटफॉर्म पर 32 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च किया है। कंपनी 100 प्रतिशत बायबैक मॉडल के तहत प्रोसेसिंग ग्रेड आलू का उत्पादन करती है। FY2026 में इसका राजस्व 14.6 प्रतिशत और EBITDA 34.8 प्रतिशत बढ़ा।

प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू पर केंद्रित एकीकृत कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी फार्म पीस (Farm Peace Limited) ने मंगलवार को अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लॉन्च किया। कंपनी ऐसी आलू की किस्मों की आपूर्ति करती है, जिनका इस्तेमाल खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां फ्रेंच फ्राइज, चिप्स और आलू से बने अन्य उत्पादों के उत्पादन में करती हैं।

फिक्स्ड प्राइस इश्यू के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 54.24 लाख इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनकी कीमत 59 रुपये प्रति शेयर तय की गई है और इश्यू का कुल आकार 32 करोड़ रुपये है। IPO 1 सितंबर को खुला और 3 सितंबर 2026 को बंद होगा। आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट साइज 4,000 शेयर है, जबकि इसके बाद 2,000 शेयर के गुणकों में आवेदन किया जा सकता है। कंपनी IPO से प्राप्त राशि का मुख्य रूप से अपनी कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा, राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा। 

कंपनी का एकीकृत कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल

अक्टूबर 2021 में स्थापित और अहमदाबाद, गुजरात में मुख्यालय वाली Farm Peace कंपनी फ्राइसोना, इनोवेटर, लेडी रोजेटा और चिप्सोना जैसी प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू की किस्मों में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी 100 प्रतिशत बायबैक मॉडल पर काम करती है। इसके तहत वह किसानों को प्रमाणित बीज, कृषि संबंधी सलाह और फसल चक्र के दौरान तकनीकी सहायता उपलब्ध कराती है। इसके बदले कंपनी किसानों की पूरी उपज को पहले से तय कीमतों और गुणवत्ता मानकों के आधार पर खरीदने की गारंटी देती है। Farm Peace ब्रांड के तहत कंपनी गुजरात के साबरकांठा, अरावली, मेहसाणा और बनासकांठा जिलों के किसानों के साथ काम करती है। सितंबर 2023 में कंपनी ने Farm Peace मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया था।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 5,660 एकड़ क्षेत्र में 61,680 टन आलू उत्पादन किया। वित्त वर्ष 2024-25 में उत्पादन 5,100 एकड़ में 55,000 टन और 2023-24 में 3,200 एकड़ में 32,500 टन था।

राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी

फार्म पीस ने 2025-26 में 90.83 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया, जबकि 2024-25 में यह 79.24 करोड़ रुपये था। EBITDA 9.26 करोड़ रुपये से बढ़कर 12.48 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह कर पश्चात लाभ (PAT) 6.66 करोड़ रुपये से बढ़कर 7.53 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह 2025-26 में कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर 14.6 प्रतिशत, जबकि EBITDA में 34.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी के प्री-IPO राउंड में मेरू कैब्स के संस्थापक नीरज गुप्ता ने निवेश किया था। 

प्रोसेस्ड आलू की बढ़ती मांग

कंपनी के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, भारत का कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग बाजार 2020-21 के अनुमानित 5.4 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 7 अरब डॉलर हो गया। इसके 2029-30 तक बढ़कर 9.7 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। कंपनी के अनुसार, बढ़ता शहरीकरण, लोगों की बढ़ती आय, आधुनिक रिटेल और क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) का विस्तार प्रोसेस्ड आलू उत्पादों की मांग को बढ़ावा दे रहे हैं।