केंद्र सरकार ने दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के लिए अहम कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दलहन एवं तिलहन की खरीद को मंजूरी दी है। यह निर्णय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में लिया गया।
सरकार का मानना है कि इस कदम से किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और उन्हें अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने से राहत मिलेगी। गौरतलब है कि मौजूदा खरीफ सीजन 2026 में प्रमुख कृषि उपजों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चल रहे हैं, जबकि किसानों पर महंगाई की मार बढ़ती जा रही है।
सबसे ज्यादा खरीद उत्तर प्रदेश से होगी
इस फैसले में सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश को मिला है। ग्रीष्मकालीन सीजन 2026 के लिए राज्य में 48,298 मीट्रिक टन मूंग, 97,970 मीट्रिक टन उड़द और 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी गई है। इन तीनों फसलों की खरीद का कुल न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,490 करोड़ रुपये से अधिक होगा। कृषि मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय राज्य के दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
गुजरात में 18,250 टन मूंग की खरीद
गुजरात के लिए ग्रीष्म 2026 सीजन में 18,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी दी गई है। यह खरीद भी PSS के तहत की जाएगी। इस खरीद का कुल MSP मूल्य 160 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
तमिलनाडु में बढ़ाया गया खरीद लक्ष्य
तमिलनाडु के किसानों को भी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए मूंग खरीद की सीमा 885 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 990 मीट्रिक टन कर दी है। यानी अतिरिक्त 105 मीट्रिक टन मूंग की खरीद की जाएगी। इस स्वीकृति का कुल MSP मूल्य 8.68 करोड़ रुपये होगा।
हरियाणा में भी MSP पर खरीद
हरियाणा में ग्रीष्म 2026 सीजन के लिए 2,115 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंजूरी दी गई है। इस खरीद का कुल MSP मूल्य 18 करोड़ रुपये से अधिक होगा।
केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में दाल और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। चार राज्यों के लिए मंजूर की गई खरीद उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य सुरक्षा प्रदान करना और देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।