पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईंधन की वैश्विक कीमतों में तेजी का असर भारत में भी दिखने लगा है। नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
यह बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों में VAT जैसे स्थानीय टैक्सेस के आधार पर अलग-अलग है और कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल की कीमतों में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के कारण यह निर्णय लिया गया है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, जिससे तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है।
नायरा एनर्जी देश के कुल 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 पंप संचालित करती है। कंपनी ने अब बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है। हालांकि, इस मुद्दे पर कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
अगर संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो ईंधन की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी और महंगाई पर भी असर पड़ सकता है, खासकर खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में।
उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर जेब पर बोझ बढ़ाने वाली है, वहीं उद्योग जगत भी बढ़ती लागत को लेकर चिंतित है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर सकती है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें इस महीने 119 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थीं, जिसके बाद से घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब हैं।