केंद्र सरकार ने 5 किलो एलपीजी सिलेंडर का दैनिक आवंटन दोगुना किया; प्रवासी मजदूरों को मिलेगी राहत

केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की आवंटन सीमा दोगुनी कर दी है। ये सिलेंडर राज्य सरकारों और पेट्रोलियम कंपनियों के माध्यम से केवल प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाएंगे।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए, केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की आवंटन सीमा दोगुनी कर दी है।
ये सिलेंडर तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से केवल प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाते हैं। संशोधित व्यवस्था के तहत, 5 किलोग्राम के सिलेंडर राज्य सरकारों या उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के माध्यम से ओएमसी के समन्वय से केवल प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाएंगे।
केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस निर्णय की जानकारी दे दी है। यह वृद्धि 2-3 मार्च, 2026 के दौरान दर्ज की गई सिलेंडरों की औसत दैनिक आपूर्ति पर आधारित है। आदेश के अनुसार, प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों के लिए उपलब्ध दैनिक मात्रा को पिछले निर्देश के तहत निर्धारित 20 प्रतिशत की सीमा से दोगुना कर दिया गया है।
यह कदम विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों के लिए उठाया गया है, क्योंकि एलपीजी की कमी के कारण प्रवासी श्रमिकों के शहरों को छोड़ने की खबरें आ रही हैं। ईरान युद्ध के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिसके मद्देनजर सरकार ने छोटे 5 किलो FTL सिलेंडरों की आपूर्ति पर जोर दिया है। 23 मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.75 लाख ऐसे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। 
पहले ही सरकार ने इन सिलेंडरों के लिए पता प्रमाण (address proof) की अनिवार्यता हटा दी थी, जिससे प्रवासी मजदूर, छात्र और दिहाड़ी मजदूर आसानी से इन्हें खरीद सकें।