विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने शुल्क-मुक्त टैरिफ रेट कोटा (TRQ) योजना के तहत शेष 2,02,550 मीट्रिक टन रॉ शुगर (Raw Sugar) के आयात कोटे के आवंटन के लिए पात्र चीनी मिलों और रिफाइनरों से नए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसका उद्देश्य शुल्क-मुक्त आयात के लिए निर्धारित कोटे के उस हिस्से का आवंटन करना है, जो पहले चरण में आवंटित नहीं हो सका था। इस बीच, बुधवार को एनएफसीएसएफ और इस्मा के पदाधिकारियों ने चीनी की कीमतों के मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेस आयोजित की, जिसमें उन्होंने एक्स-फैक्टरी और खुदरा कीमतों में गिरावट का दावा किया।
सरकार ने TRQ योजना के तहत शुरुआत में 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी। 28 अगस्त को हुई पहले चरण की आवेदनों की समीक्षा में पात्र आवेदकों को कुल 7,97,450 मीट्रिक टन का कोटा आवंटित किया गया। इसके बाद 2,02,550 मीट्रिक टन कोटा शेष रह गया।
शेष कोटे के आवंटन के लिए DGFT ने अपने डिजिटल पोर्टल के माध्यम से सात दिनों की ऑनलाइन आवेदन अवधि शुरू की है। पहले चरण की तुलना में इस बार आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। शेष कोटे का आवंटन अब दैनिक बैच प्रणाली (Daily Batch Mechanism) के आधार पर किया जाएगा।
किसी भी दिन शाम 5:30 बजे तक जमा किए गए आवेदन एक समूह के रूप में लिए जाएंगे और अगले कार्य दिवस में उन पर विचार किया जाएगा। शाम 5:30 बजे के बाद जमा किए गए आवेदन अगले कार्य दिवस के बजाय उसके बाद वाले कार्य दिवस की प्रक्रिया में शामिल होंगे।
मांग अधिक होने पर आनुपातिक आवंटन
शेष कोटे का आवंटन प्रत्येक दिन प्राप्त मांग के आधार पर किया जाएगा। यदि किसी दिन के बैच में आवेदकों द्वारा मांगी गई कुल मात्रा उपलब्ध 2,02,550 मीट्रिक टन से अधिक हो जाती है, तो पात्र आवेदकों के बीच कोटे का आनुपातिक (Pro-rata) आधार पर आवंटन किया जाएगा। एक बार पूरा शेष कोटा आवंटित हो जाने के बाद जमा किए गए बाद के आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। DGFT ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की पात्रता और प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने का टाइमस्टैम्प ही मान्य होगा। इस प्रक्रिया के तहत किसी भी तरह के भौतिक या ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
एक्स-फैक्ट्री और खुदरा कीमतों में गिरावटः एनएफसीएसएफ
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि चीनी की एक्स-फैक्ट्री कीमतें लगातार गिर रही हैं। देश में जरूरत के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है और आने वाले दिनों में रिटेल कीमतें कम हो जाएंगी। वहीं, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के लिए देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है। नेशनल फेडरेशन और इस्मा (ISMA) ने संयुक्त रूप से तय किया है कि चीनी मिलों में 15 अक्टूबर से पेराई शुरू की जाएगी, ताकि चीनी की आपूर्ति बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में चीनी मिलों में पेराई की तिथि एक समिति तय करती है और राज्य सरकार उसे मंजूरी देती है। इस दिशा में हम राज्य सरकार से प्रक्रिया शुरू करने के लिए कह रहे हैं।
इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने बताया कि चीनी की एक्स-मिल कीमतें उच्चतम स्तर से 30 प्रतिशत घटी हैं। खुदरा कीमतों में भी गिरावट आई है तथा इनमें और कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि जल्दी पेराई शुरू होने से आपूर्ति बढ़ाई जा सकेगी। वहीं, सरकार ने आयात के लिए बकाया मंजूर मात्रा के लिए भी आवेदन मंगाए हैं। जल्दी ही आयातक ये आवेदन दाखिल कर देंगे। इससे आयात के जरिए भी आपूर्ति को बेहतर किया जा सकेगा। कीमतों में उछाल 15 जुलाई के बाद शुरू हुआ, लेकिन ज्यादातर बढ़ोतरी अगस्त में हुई। कुछ दिनों में ही सरकार की कार्रवाई और उद्योग की पहल से कीमतें नियंत्रण में आ गई हैं।