चीनी की बढ़ती कीमतों का असर, चीनी कंपनियों के शेयर भाव एक माह में 32 फीसदी तक चढ़े

चीनी की बढ़ती कीमतों का सकारात्मक असर चीनी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दे रहा है। राजस्व के लिहाज से देश की 20 प्रमुख सूचीबद्ध चीनी कंपनियों में से 18 के शेयरों में पिछले एक महीने में 1.25% से 32.65% तक की बढ़ोतरी हुई है।

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दिखने लगा है। राजस्व के लिहाज से देश की 20 बड़ी लिस्टेड चीनी कंपनियों के एक माह के शेयर भाव के विश्लेषण से पता चलता है कि सिर्फ दो कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है, जबकि 18 के दाम बढ़े हैं। यह बढ़ोतरी 1.25 प्रतिशत से लेकर 32.65 प्रतिशत तक है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष 20 चीनी कंपनियों में से सबसे अधिक अवध शुगर एंड एनर्जी के शेयर भाव बढ़े हैं। पिछले एक महीने में इसमें 32.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी वाली 5 कंपनियों में से उगर शुगर वर्क्स के शेयर में 27.7 प्रतिशत, डालमिया भारत एंड शुगर में 23.5 प्रतिशत, उत्तम शुगर मिल्स में 22.6 प्रतिशत और डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज में 17.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

शीर्ष 20 कंपनियों में से जिन दो कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है, उनमें त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और जुआरी इंडस्ट्रीज शामिल हैं। त्रिवेणी इंजीनियरिंग में 40.91 प्रतिशत और जुआरी इंडस्ट्रीज में 0.93 प्रतिशत की कमी आई है।

हालांकि त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयरों में इतनी गिरावट तकनीकी कारणों से है। पिछले महीने कंपनी के पावर ट्रांसमिशन कारोबार को अलग किया गया था। पावर बिजनेस को निकालने के बाद 22 जुलाई को कंपनी के शेयरों में 38.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश की एम-ग्रेड चीनी का एक्स-फैक्ट्री दाम (जीएसटी से पहले) 18 अगस्त को 5,400 रुपये प्रति क्विंटल और महाराष्ट्र में लगभग 5,300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। दिल्ली में चीनी का थोक भाव लगभग 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। इसका असर जल्द ही खुदरा बाजार पर भी दिखाई देगा।

(पढ़ें - 5400 रुपये तक पहुंची चीनी की एक्स-फैक्ट्री कीमतें)