असम में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। कुल 126 सीटों और 2.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले इस चुनाव में बड़ी संख्या में पहली बार वोट देने वाले युवा भी शामिल हैं। इस बार चुनाव के फोकस में कृषि, ग्रामीण आजीविका, रोजगार और सामाजिक कल्याण शामिल हैं। जहां बीजेपी का “संकल्प पत्र” विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर देता है, वहीं कांग्रेस का “राइजोर इस्तहार” संरचनात्मक सुधार और सामाजिक गारंटी की बात करता है। दोनों दलों ने खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग-अलग रणनीतियां पेश की हैं।
कृषि
बीजेपी के घोषणापत्र में कृषि आधुनिकीकरण और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। पार्टी ने 27 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई का विस्तार करने का वादा किया है, जिसके लिए 3,000 करोड़ रुपये की “कृषि गति शक्ति योजना” लागू की जाएगी। इससे भंडारण, लॉजिस्टिक्स और प्रोसेसिंग ढांचे को मजबूत किया जाएगा। पार्टी ने धान, मक्का और सरसों जैसी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी रखने, फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने का भी आश्वासन दिया है।
कांग्रेस का घोषणापत्र भूमि अधिकार, संस्थागत सुधार और जमीनी स्तर के ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। पार्टी ने स्वदेशी समुदायों को भूमि अधिकार देने, भूमि अभिलेखों को दुरुस्त करने और अनियमितता मिलने पर पुनर्वितरण का वादा किया है। इसके साथ ही, बाढ़ नियंत्रण और जलवायु अनुकूल खेती पर भी जोर दिया गया है, जो राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
बीजेपी ने डेयरी, फिशरीज, बागवानी और रेशम उत्पादन जैसे सहायक कृषि क्षेत्रों को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई है। दूध उत्पादन दोगुना करने और मछली उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, छोटे चाय उत्पादकों के लिए बेहतर मूल्य और GI टैगिंग के माध्यम से निर्यात बढ़ाने की योजना है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने चाय बागान श्रमिकों पर विशेष ध्यान देते हुए बेहतर वेतन, जीवन स्तर और बुनियादी सुविधाओं का वादा किया है।
ग्रामीण विकास
ग्रामीण विकास दोनों दलों की प्राथमिकता में शामिल है। बीजेपी ने “वाइब्रेंट विलेज” योजना के तहत बेहतर सड़क, आवास और बुनियादी ढांचा देने की बात कही है। वहीं कांग्रेस ने विस्थापित समुदायों के पुनर्वास और कमजोर वर्गों के लिए लक्षित योजनाओं पर जोर दिया है।
बुनियादी ढांचे के विकास में बीजेपी ने 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 18,000 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण योजना के जरिए राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। कांग्रेस ने जलवायु अनुकूल और वैज्ञानिक नदी प्रबंधन पर जोर दिया है।
रोजगार
रोजगार के क्षेत्र में बीजेपी ने 2 लाख सरकारी नौकरियों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का वादा किया है। 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश के जरिए राज्य को आर्थिक हब बनाने की योजना है। कांग्रेस ने 100 दिनों में रिक्त पद भरने, छोटे उद्योगों को समर्थन देने और बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने की बात कही है।
समाज कल्याण
सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तीकरण भी प्रमुख मुद्दे हैं। बीजेपी ने ओरुनोदोय योजना का विस्तार, महिलाओं को वित्तीय सहायता और उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात कही है। कांग्रेस ने महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण, महिला उद्यमियों को 50,000 रुपये की सहायता और वृद्धों व विधवाओं के लिए बेहतर योजनाओं का वादा किया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बीजेपी ने आयुष्मान भारत के विस्तार और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की बात कही है। वहीं कांग्रेस ने प्रति परिवार 25 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा और “फैमिली डॉक्टर” योजना का प्रस्ताव रखा है।