23 अप्रैल 2026 को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार मंगलवार शाम को समाप्त हो गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान होना है। बाकी 142 सीटों के लिए चुनाव 29 अप्रैल को होगा। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। असम, केरल और पुदुचेरी में पहले ही मतदान पूरा हो चुका है। सभी पांच राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए आयोग कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
पश्चिम बंगालः 294 में से 152 सीटों पर वोटिंग
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 148 सीटों की जरूरत है। यहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है। कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट भी मैदान में हैं, लेकिन 2021 के चुनाव में इन दोनों को एक सीट पर भी जीत नहीं मिली थी। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस ने 293 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 294 सीटों में से 215 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा के खाते में 77 सीटें आईं। बाकी बची दो सीटें अन्य के नाम गईं। कांग्रेस और सीपीएम को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। उससे पहले 2016 के चुनाव में तृणमूल को 211, भाजपा को 3, कांग्रेस को 44, वाम मोर्चा को 32 और अन्य को 4 सीटें मिली थीं।
राज्य में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) रहा है। इस समीक्षा में करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। यह समीक्षा से पहले राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 12% है। लगभग 60 लाख नामों को अनुपस्थित या मृतक बताया गया जबकि करीब 27 लाख मतदाताओं के मामले विभिन्न ट्रिब्यूनल में लंबित पड़े हैं। लंबित मामलों में मुस्लिम और मतुआ समुदाय के लोग ज्यादा हैं। फिलहाल रजिस्टर्ड मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 82 लाख है। राज्य के अन्य मुद्दों में नागरिकता संशोधन कानून, बॉर्डर सुरक्षा और घुसपैठ, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, रोजगार एवं विकास प्रमुख रहे।
मतदान से दो दिन पहले चुनाव आयोग ने मंगलवार को नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के पुलिस पर्यवेक्षक हितेश चौधरी को हटा दिया। उनकी जगह अखिलेश सिंह को लाया गया है। एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने हितेश चौधरी के खिलाफ शिकायत की थी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। चुनाव आयोग ने पूरे प्रदेश में 84 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने बताया है कि राज्य में चुनाव लड़ रहे 23 प्रतिशत प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। एडीआर ने कुल 2,920 प्रत्याशियों के हलफनामे का विश्लेषण किया, जिनमें से 683 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी।
ममता बनर्जी ने इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की वापसी का दावा करते हुए कहा कि कोई भी नहीं चाहता कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव राज्य को घुसपैठियों से मुक्त करने का अवसर है। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा चुनाव जीतती है तो हर लाख एक लाख युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी।
तमिलनाडुः सभी 234 सीटों के लिए मतदान
तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं। यहां बहुमत सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है। वर्ष 2021 के चुनाव में यहां डीएमके को 133, एआईडीएमके को 66, कांग्रेस को 18, पीएमके को 5, भाजपा को 4, वीसीके को 4, सीपीएम को 2 और सीपीआई को 2 सीटों पर जीत मिली थी। फिलहाल डीएमके और उसके सहयोगी दलों के पास 158 सीटें हैं। इस गठबंधन में डीएमके के अलावा कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, एमडीएमके जैसी पार्टियां हैं।
तमिलनाडु में लगभग 18 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। यहां 25 प्रतिशत उम्मीदवारों के पास एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। एडीआर ने यहां के कुल 3,992 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया। इनमें से 722 यानी 18% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भी 404 (10%) उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।
डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव एलायंस (एसपीए) ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं को प्रतिमाह दी जाने वाली राशि बढ़ाकर 2000 रुपये करने, वृद्धावस्था पेंशन की राशि 1200 से बढ़ा कर 2000 रुपये करने और विकलांगों के लिए 2500 रुपये प्रतिमाहा देने का वादा किया है। इसने राज्य सरकार की बीमा स्कीम के तहत बीमित राशि 15 लाख रुपये करने और गरीबों के लिए 10 लाख घर बनाने जैसे वादे भी किए हैं। कृषि क्षेत्र की बात करें तो इस एलायंस ने 20 लाख किसानों को फ्री पंप सेट देने, धान और गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाने, दूध के खरीद मूल्य में 5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा करने और मछुआरों को आर्थिक सहायता देने जैसे वादे किए हैं। स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन देने का वादा भी है।
एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एलायंस ने महिलाओं को प्रतिमाह 2000 रुपये देने, हर परिवार को महंगाई से राहत के लिए 10000 रुपये देने, बेरोजगार ग्रेजुएट को प्रतिमाह 2000 रुपये की सहायता, कामकाजी महिलाओं को दोपहिया वाहन खरीदने के लिए 25000 रुपये की मदद और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन राशि बढ़ाकर 2000 रुपये करने जैसे वादे किए हैं। इसने सब्सिडी वाले सरकारी क्लिनिक की संख्या बढ़ाने और चरणबद्ध तरीके से शराब की दुकानें बंद करने का भी वादा किया है। इसके अलावा धान और गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाने तथा राशन की दुकानों पर मुफ्त में दाल और खाद्य तेल वितरित करने का वादा भी है।