सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से रोजगार से जुड़ी दो विपरीत तस्वीरें सामने आईं। एक ओर मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी रोजगार मेले में शामिल हुए और जनसभा को संबोधित किया, वहीं प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया।
मुजफ्फरनगर में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इसके जरिए भाजपा और रालोद ने अपने गठबंधन की मजबूती का संकेत दिया और रोजगार के मुद्दे पर युवाओं को साधने की कोशिश की।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले जेवर एयरपोर्ट और मेरठ में रैपिड रेल के उद्घाटन के जरिए भी वे पश्चिमी यूपी में विकास की गति तेज करने का संदेश दे चुके हैं।
इन आयोजनों को भाजपा और रालोद की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इसी दौरान वेतन, रोजगार और महंगाई के मुद्दों पर चुनौतियां भी सामने आती दिख रही हैं।
नोएडा में सोमवार को कई निजी कंपनियों के कर्मचारी वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। लेकिन यह प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया। इस दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं, जिससे ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई।

हालांकि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में कर लिया, लेकिन रोजगार जैसे अहम मुद्दे पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम के दिन ही इस तरह की घटना ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने मजदूरों और उद्योगों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इसका जिम्मा औद्योगिक विकास आयुक्त को सौंपा गया है। समिति श्रमिकों और उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
मुजफ्फरनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उद्योग बंद हो रहे थे, जबकि अब निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार श्रमिकों, उद्यमियों, युवाओं और किसानों के साथ खड़ी है। सरकार ने बिना भेदभाव के 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेश बढ़ा है, जिससे एमएसएमई क्षेत्र में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
इस अवसर पर 951 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। साथ ही लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण और ‘कौशल दर्शन’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। रोजगार मेले के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी से हजारों युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिले हैं। यह आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अखिलेश ने सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है, लेकिन सामान्य काम करनेवाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मजदूरों का शोषण। बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना मुश्किल हो गया है। भाजपा का डबल इंजन, जनता के लिए ट्रबल इंजन बन गया है।