राजस्थान के कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में सोमवार को एक अहम शुरुआत हुई। कृषि विभाग, राजस्थान सरकार तथा नॉट-फॉर-प्रॉफिट संस्थान 'लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसाइटी' (LEHS-वाधवानी एआई फाउंडेशन) के मध्य एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (Non-Financial MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर राज्य के कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में कई बड़े नवाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुरूप राज्य में एआई-बेस्ड मॉडल्स और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की दिशा में यह एमओयू महत्वपूर्ण साबित होगा।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस साझेदारी के तहत 'वाधवानी एआई' आगामी तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार का निःशुल्क तकनीकी भागीदार बनकर कार्य करेगा। इससे फील्ड स्तर पर सूचना तंत्र सुदृढ़ होगा और किसानों तक कृषि सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
एग्री-स्टैक में राजस्थान अग्रणी
कृषि आयुक्त ने बताया कि 'एग्री-स्टैक' योजना के तहत राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जहां निर्धारित लक्ष्य का 95 प्रतिशत पूरा करते हुए प्रदेश के लगभग 95 लाख किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है। यह फार्मर आईडी केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि इसमें किसान के खसरा नंबर, भूमि विवरण और आधार नंबर सहित पूरी क्रेडेंशियल्स दर्ज हैं। इसके माध्यम से आगामी फसल बीमा और एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली के तहत यूरिया वितरण जैसी व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाकर दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
खेती के लिए 4 प्रमुख एआई समाधान
इस साझेदारी के तहत खेती में चार प्रमुख एआई समाधानों का उपयोग किया जाएगा।
एग्रीवाणी
यह एक बहुभाषी चैटबॉट मॉडल होगा, जिसमें किसान अपनी भाषा में वॉइस या टेक्स्ट के जरिए संवाद कर सकेंगे। यह एआई आधारित टूल किसानों की समस्याओं का त्वरित तकनीकी समाधान उपलब्ध कराएगा।
क्रोपस (पेस्ट एंड डिजीज सर्विलांस)
कंप्यूटर विजन आधारित इस प्रणाली से फसलों में लगने वाले कीटों और बीमारियों की पहचान की जा सकेगी। किसान खेत से फसल की तस्वीर भेजकर विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित उपचार संबंधी सलाह प्राप्त कर सकेंगे, जिससे फसल नुकसान का जोखिम कम होगा।
सोयाबीन ग्रेन एनालाइजर
स्मार्टफोन आधारित इस ऐप के जरिए किसान मंडी जाने से पहले ही अपनी सोयाबीन फसल की गुणवत्ता, ग्रेडिंग और प्रोटीन स्तर का रियल-टाइम आकलन कर सकेंगे। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।
एग्री एआई कलेक्ट एंड न्यूज मॉनिटरिंग
यह टूल किसानों की फील्ड गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और प्रशासनिक स्तर पर कृषि से जुड़ी खबरों की निरंतर निगरानी में सहयोग करेगा, जिससे त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।