हरियाणा में चौड़ी कतारों में गन्ना बोने वाले किसानों को अब 5000 रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही टिश्यू कल्चर से गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि 'गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन' के तहत जो किसान अब 4 फुट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करेगा, उसे सरकार द्वारा 5 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले यह प्रोत्साहन राशि 3 हजार रुपये प्रति एकड़ दी जा रही थी।
राणा ने यह जानकारी शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई विभागीय बैठक के बाद दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता का सशक्त आधार भी है। इसलिए किसान को मजबूत करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
राज्य में जो किसान 4 फुट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ने की रोपाई करते थे, उन्हें सरकार द्वारा 3 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस बार के बजट में यह राशि बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की घोषणा की थी। अब सरकार ने इस संबंध में स्वीकृति प्रदान कर दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को पोर्टल के माध्यम से 15 अक्तूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन करना होगा। इसके बाद फरवरी 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन उपरांत किसानों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसानों को एकल-आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। पहले यह राशि 3 हजार रुपये प्रति एकड़ थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी, ताकि किसानों की फसल कटाई की लागत कम हो सके।
टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि की जाएगी। इस विधि से तैयार गन्ने की पौध किसानों को मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएगी। करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा यह पौध तैयार की जाएगी। किसान अक्तूबर 2026 से दिसंबर 2026 तक इस मिल से पौध प्राप्त कर सकेंगे।