हरियाणा में अनाज भंडारण के लिए शाहबाद-अंबाला के बीच बनाया जाए विशाल साइलो

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए शाहबाद और अंबाला के बीच बड़े साइलो निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

हरियाणा में अनाज भंडारण के लिए शाहबाद-अंबाला के बीच बनाया जाए विशाल साइलो

हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अनाज खराब होने से बचाने के लिए प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेयरहाउस और साइलो होने आवश्यक हैं। इसके लिए संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द अनाज भंडारण की समस्या का स्थायी समाधान निकालें। उन्होंने निर्देश दिए कि अनाज भंडारण के लिए शाहबाद और अंबाला के बीच साइलो (विशाल वेयरहाउस) बनाने की योजना तैयार की जाए। गौरतलब है कि मौजूदा गेहूं खरीद सीजन के दौरान राज्य में खरीद व भंडारण के इंतजामों और उठान में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्रदेश में अनाज भंडारण तथा पलवल व नूंह क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

100 एकड़ तक भूमि चिह्नित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान अनाज उत्पादन के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, इसलिए उसके सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त वेयरहाउस होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शाहबाद और अंबाला के बीच ऐसे स्थान का चयन किया जाए, जहां साइलो (विशाल वेयरहाउस) रेलवे लाइन और सड़क मार्ग के बीच स्थित हो। इससे कम लागत में पूरे देश के साथ साइलो की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि साइलो के लिए रेलवे लाइन और सड़क के बीच आवश्यकता अनुसार 100 एकड़ तक भूमि अधिग्रहित की जाए। साथ ही अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और साइलो निर्माण की योजना एक माह में तैयार करने के निर्देश दिए।

हिसार में फल-सब्जियों के भंडारण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के मद्देनजर वहां सब्जियों और फलों की मांग बढ़ी है। इसको देखते हुए वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को हिसार एयरपोर्ट के समीप साइलो या बड़े वेयरहाउस की स्थापना की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि फल और सब्जियों का सुरक्षित भंडारण कर उन्हें हिसार एयरपोर्ट के माध्यम से मिडिल ईस्ट तक भेजा जा सके। इससे प्रदेश के फल और सब्जी उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

जलापूर्ति की योजना बनाने के निर्देश

जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पलवल और नूंह क्षेत्र के 108 गांवों तथा पुन्हाना नगर में ट्यूबवेल आधारित पेयजल आपूर्ति की जाती है। भूमिगत जलस्तर बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा जमीन के रिचार्ज हेतु 7 रैनी वेल और बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिस पर 765 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में ट्यूबवेल से जलापूर्ति की जाती है, वहां नहरी पानी से जलापूर्ति की योजना भी बनाई जाए, क्योंकि भविष्य में नूंह और पलवल क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से पानी की मांग बढ़ेगी।

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