महाराष्ट्र FDA बनाएगा अमेरिकी तर्ज पर डिजिटल फूड सेफ्टी सिस्टम, बढ़ती शिकायतों के बीच ब्लॉकचेन से होगी निगरानी

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) अमेरिकी एफडीए की तर्ज पर एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करेगा, जिसमें ब्लॉकचेन आधारित अनुपालन निगरानी, त्वरित शिकायत निवारण और खाद्य उत्पादों की एंड-टू-एंड ट्रेसबिलिटी होगी। यह पहल अस्वच्छ खाद्य पदार्थों को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच की जा रही है, जिसमें पुणे राज्य में सबसे अधिक शिकायतों वाला जिला बनकर उभरा है।

महाराष्ट्र FDA बनाएगा अमेरिकी तर्ज पर डिजिटल फूड सेफ्टी सिस्टम, बढ़ती शिकायतों के बीच ब्लॉकचेन से होगी निगरानी

महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और राज्य की नियामक व्यवस्था को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएस एफडीए) जैसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए व्यापक डिजिटल बदलाव की तैयारी कर रहा है। पुणे में मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (MCCIA) की तरफ से आयोजित खाद्य सुरक्षा सम्मेलन में महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित करने की घोषणा की। यह पोर्टल लाइसेंसिंग, निरीक्षण, उपभोक्ता शिकायतों, उत्पाद रिकॉल और प्रवर्तन कार्रवाई सहित पूरी नियामकीय प्रक्रिया को एक मंच पर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म में ब्लॉकचेन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे खाद्य कारोबारियों द्वारा किए गए उल्लंघनों का स्थायी और छेड़छाड़-रोधी रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।

मुंढे ने कहा, "मैंने अमेरिकी एफडीए की वेबसाइट का अध्ययन किया है। वह एक उत्कृष्ट मॉडल है। हम ऐसा एकीकृत पोर्टल बना रहे हैं, जहां केवल लाइसेंसिंग ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया सभी के लिए उपलब्ध होगी।" उन्होंने विश्वास जताया कि छह महीने से एक वर्ष के भीतर यह प्रणाली डिजिटल क्षमताओं के मामले में अमेरिकी एफडीए के बराबर या उससे बेहतर हो जाएगी।

यह प्लेटफॉर्म भविष्य में खाद्य उत्पादों की निर्माण इकाई से लेकर उपभोक्ता तक एंड-टू-एंड ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करेगा। उद्योग जगत भी इसमें अपने परिचालन संबंधी आंकड़े अपलोड करेगा, जिससे एफडीए आधिकारिक रिकॉर्ड से उनका मिलान कर साक्ष्य-आधारित नियामकीय कार्रवाई कर सकेगा।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र एफडीए के नए शिकायत पोर्टल complaints.mahafda.in को जनता से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। पोर्टल लॉन्च होने के पहले ही मिनट में 3.75 लाख हिट्स दर्ज किए गए, जबकि पहले 24 घंटे में यह संख्या 10 लाख से अधिक पहुंच गई। एफडीए के अनुसार, पुणे राज्य में सबसे अधिक खाद्य सुरक्षा शिकायतों वाला जिला बनकर उभरा है। इनमें अधिकांश शिकायतें व्यावसायिक खाद्य प्रतिष्ठानों में अस्वच्छता से जुड़ी हैं।

इस पोर्टल में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसके तहत क्षेत्रीय संयुक्त आयुक्त को 24 घंटे के भीतर शिकायत पर संज्ञान लेकर उसे संबंधित अधिकारी को सौंपना होगा। यदि तय समय में कार्रवाई शुरू नहीं होती है तो मामला स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पहुंच जाएगा।

मुंढे ने बताया कि एफडीए एक ऐसा डेटाबेस भी विकसित कर रहा है, जो एक ही कारोबारी इकाई द्वारा संचालित सभी प्रतिष्ठानों को आपस में जोड़ेगा। यदि किसी एक स्थान पर उल्लंघन पाया जाता है तो उससे जुड़े सभी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा सकेगा। साथ ही, ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का अपरिवर्तनीय रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।

मई में एफडीए आयुक्त का पद संभालने के बाद से मुंढे ने लग्जरी होटलों, रेस्तरां और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं। हाल ही में मुंबई के पारसी डेयरी फार्म का लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि केईएम अस्पताल की रसोई को खाद्य सुरक्षा संबंधी खामियों के कारण बंद कराया गया।

उन्होंने खाद्य उद्योग से केवल मिलावट रोकने तक सीमित रहने के बजाय "प्रोएक्टिव फूड सेफ्टी" की संस्कृति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी खाद्य कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा निर्धारित 22 प्रमुख खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। कंपनियां दूषित कच्चे माल की जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं और उन्हें परीक्षण तथा ट्रेसबिलिटी के माध्यम से सुरक्षित स्रोतों से ही खरीद सुनिश्चित करनी होगी।

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