यमुना बाढ़ क्षेत्र में अवैध डेयरियों पर NGT सख्त, एमसीडी और डीपीसीसी से मांगी नई अनुपालन रिपोर्ट

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अवैध डेयरियों के लगातार संचालन पर नाराजगी जताते हुए एमसीडी और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से नई अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि उसके पूर्व आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। उसने छह सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यमुना बाढ़ क्षेत्र में अवैध डेयरियों पर NGT सख्त, एमसीडी और डीपीसीसी से मांगी नई अनुपालन रिपोर्ट

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अवैध डेयरियों के लगातार संचालन पर कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि उसके पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है और अवैध गतिविधियां अब भी जारी हैं। एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) तथा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को ताजा कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील यमुना बाढ़ क्षेत्र में अवैध डेयरी गतिविधियां जारी मिलने के बाद यह आदेश दिया गया।

हाल ही जारी आदेश में ट्रिब्यूनल ने अप्रैल 2024 के अपने निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। याचिका में आरोप लगाया गया था कि चक चिल्ला गांव और मयूर नेचर पार्क के आसपास सहित यमुना बाढ़ क्षेत्र से अवैध डेयरियों को हटाने के आदेशों का पालन नहीं किया गया।

डीपीसीसी की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, संरक्षित ओ-जोन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। वहां डीएनडी फ्लाईओवर के नीचे, नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर तथा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के निकट निरीक्षण के दौरान अस्थायी पशु शेड, चारे का भंडारण, गोबर के ढेर तथा खुले घास के मैदानों में चरते लगभग 50-60 मवेशी पाए गए।

पीठ ने टिप्पणी की कि "डीपीसीसी की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि अधिकरण के आदेश का पालन नहीं किया गया है।" ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि स्थायी निर्माण हटाए जाने के बावजूद डेयरी संचालकों ने अस्थायी ढांचे बनाकर अपनी गतिविधियां जारी रखी हुई हैं।

सुनवाई के दौरान दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बताया कि उसने कई बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, लेकिन अतिक्रमणकारी दोबारा उन्हीं स्थानों और फ्लाईओवर के नीचे अस्थायी डेयरियां स्थापित कर लेते हैं। डीडीए ने कहा कि मवेशियों को जब्त करने की जिम्मेदारी एमसीडी और पशुपालन विभाग की है, लेकिन सूचना देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एनजीटी ने एमसीडी को छह सप्ताह के भीतर नई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही डीपीसीसी को अपनी प्रवर्तन रणनीति की समीक्षा करने, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बार-बार उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई पर विचार करने तथा 25 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

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