महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक, पैकिंग और लेबलिंग होगी जरूरी

महाराष्ट्र FDA ने खुले में खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। अब दुकानदारों को पैकिंग और लेबलिंग के साथ ही तेल बेचना होगा। इस कदम का उद्देश्य तेल के स्रोत, एक्सपायरी, गुणवत्ता और सप्लाई चेन की जानकारी सुनिश्चित कर उपभोक्ता सुरक्षा मजबूत करना है।

महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक, पैकिंग और लेबलिंग होगी जरूरी

महाराष्ट्र में खाद्य तेल की बिक्री को लेकर नियम और सख्त किए जा रहे हैं। राज्य के अन्न एवं औषध प्रशासन (FDA) ने खुले में खाद्य तेल बेचने पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके बाद दुकानदार ग्राहकों को ड्रम, कंटेनर या किसी बड़े पैक से निकालकर सीधे तेल नहीं बेच सकेंगे। खाद्य तेल की बिक्री निर्धारित पैकिंग में ही करनी होगी।

राज्य FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक, इस फैसले का मकसद खाद्य तेल की बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को उत्पाद से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। खुले तेल की बिक्री में ग्राहक के पास तेल के निर्माता, स्रोत, उत्पादन और इस्तेमाल की अंतिम तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं होतीं।

खुले तेल के मामले में सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाने की होती है कि उत्पाद मूल रूप से कहां से आया और उसे किस तरह स्टोर किया गया। बड़े कंटेनर या ड्रम से तेल निकालकर बेचने पर मूल पैकेजिंग और उस पर दर्ज जानकारी ग्राहक तक नहीं पहुंचती। ऐसे में तेल की गुणवत्ता, भंडारण की अवधि या उसमें संभावित मिलावट के बारे में उपभोक्ता के लिए जानकारी हासिल करना मुश्किल हो जाता है। 

अब बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध खाद्य तेल की पैकिंग पर जरूरी विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा। इनमें उत्पाद के स्रोत और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी प्रमुख होगी। इससे ग्राहक खरीदारी के समय उत्पाद के बारे में अधिक जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे।

नए फैसले का असर खास तौर पर उन छोटे और खुदरा कारोबारियों पर पड़ेगा, जो बड़े ड्रम या कंटेनर से तेल निकालकर ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक बेचते हैं। ऐसे दुकानदारों को अब पैक्ड खाद्य तेल की बिक्री की व्यवस्था अपनानी होगी। इसके लिए कारोबारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिक्री के लिए रखा गया तेल निर्धारित पैकिंग और लेबलिंग मानकों को पूरा करता हो। यानी खुले तेल की बिक्री की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करना होगा।

पैक्ड खाद्य तेल की बिक्री से उपभोक्ताओं को केवल उत्पाद की जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि किसी गुणवत्ता संबंधी शिकायत की स्थिति में संबंधित निर्माता या सप्लायर तक पहुंचना भी आसान होगा। खुले तेल में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिलने पर उसके स्रोत का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके विपरीत पैक्ड उत्पाद पर निर्माता, बैच और अन्य लेबल संबंधी विवरण उपलब्ध होने से जांच एजेंसियों को सप्लाई चेन को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है।

खाद्य तेल रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण उपभोक्ता स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। संदिग्ध स्रोत, खराब भंडारण या लंबे समय तक रखे गए तेल से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए उत्पाद की ट्रेसबिलिटी जरूरी मानी जाती है।

FDA का यह फैसला इसी ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, नए नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दुकानदारों को इसकी जानकारी देना और बाजार में नियमित निगरानी सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा।

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