नेफेड को 2025-26 में 423 करोड़ रुपये का मुनाफा, रिटेल विस्तार और किसान केंद्रित पहल पर जोर

नेफेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में 423.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 29,884.72 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया। इसकी 69वीं AGM में रिटेल विस्तार, निर्यात, डिजिटल सुधार, 1,274 एफपीओ को सहयोग और पंजीकृत किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की गई।

नेफेड को 2025-26 में 423 करोड़ रुपये का मुनाफा, रिटेल विस्तार और किसान केंद्रित पहल पर जोर

नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 29,884.72 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 423.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। फेडरेशन ने किसान सेवाओं, रिटेल कारोबार और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए कई नई पहल की भी घोषणा की। शनिवार, 26 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित नेफेड की 69वीं वार्षिक आम सभा (AGM) में ये आंकड़े पेश किए गए। बैठक में देशभर की सदस्य समितियों और राज्य स्तरीय फेडरेशनों के 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत फेडरेशन की भूमिका को रेखांकित किया। इसमें मूल्य समर्थन योजना (PSS), मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF), मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS) और मूल्य भुगतान सहायता योजना (PPSS) शामिल हैं।

नेफेड ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से 50 नए रिटेल स्टोर खोलने की योजना बनाई है। भारतीय रेलवे के माध्यम से नेफेड के उत्पादों, जिनमें प्रीमिक्स चाय, बिस्कुट और जूस शामिल हैं, की बिक्री भी बढ़ाई जाएगी।

फेडरेशन ने सदस्य फेडरेशनों और समितियों को 15 प्रतिशत लाभांश देने की घोषणा की। इसके अलावा 500 मत्स्य सहकारी समितियों को पुनर्जीवित किया गया है और 50 फिश एफपीओ के गठन में मदद की गई है। इससे 50,000 से अधिक किसानों को लाभ मिला है।

वित्तीय स्थिरता और निर्यात पर जोर

नेफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल (आईएएस) ने कहा कि फेडरेशन रिटेल विस्तार, संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन और निर्यात पर ध्यान दे रहा है। नेफेड के उत्पादों को यूएई और कनाडा समेत विदेशी बाजारों में पहुंचाया जा रहा है।

फेडरेशन संस्थागत बाजार में भी अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। भारतीय सेना के लिए भारत राइस लॉन्च करने की तैयारी है, जबकि नेफेड के उत्पादों को सीएसडी कैंटीनों में सूचीबद्ध किया जा रहा है। ट्रेन में नाश्ते की सेवा के माध्यम से एफएमसीजी उत्पादों की आपूर्ति भी की जाएगी। सरकार की एफपीओ प्रोत्साहन योजना के तहत नेफेड 1,274 एफपीओ को सहयोग दे रहा है। भंडारण योजना के तहत 345 गोदामों को किराये पर लिया जा रहा है।

डिजिटल व्यवस्था का विस्तार

नेफेड ने ई-समृद्धि, ईआरपी, NAFEX.in और दृष्टि के जरिए अपनी डिजिटल व्यवस्था का विस्तार किया है। ई-समृद्धि में अब आधार से जुड़े प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और बायोमेट्रिक किसान पंजीकरण की सुविधा शामिल है। PM-AASHA के तहत NCCF के ई-संयुक्ति के साथ इसके एकीकरण से किसानों के पंजीकरण और उपज बिक्री के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है। नेफेड का ई-नीलामी प्लेटफॉर्म NAFEX.in अब कमीशन आधारित मॉडल पर अन्य संस्थाओं के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।

नेफेड ने कहा कि कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत नेफेड के शुद्ध लाभ का 1 प्रतिशत ई-समृद्धि पर पंजीकृत किसानों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए आवंटित किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक छात्र को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

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