हिमाचल प्रदेश सरकार ने मौजूदा वर्ष में सी-ग्रेड सेब, प्रोसेसिंग ग्रेड के आम तथा नींबू प्रजाति के फलों की खरीद के लिए मंडी मध्यस्थता योजना लागू करने को स्वीकृति दी है। योजना के तहत अधिकतम 1.50 लाख टन सी-ग्रेड सेब की खरीद को मंजूरी दी गई है। यह खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1 अगस्त से 31 अक्टूबर तक की जाएगी।
सेब की खरीद 35 किलोग्राम के जूट बैग में की जाएगी। ढुलाई के लिए 16 किलोग्राम क्षमता वाले रिसाइकलेबल प्लास्टिक क्रेट को प्राथमिकता मिलेगी। सरकार ने कहा है कि केवल 51 मिलीमीटर से अधिक बड़े और तय क्वालिटी मानकों वाले सेब ही खरीदे जाएंगे। किसानों के लिए ट्रांसपोर्टेशन के दौरान फलों की गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है।
मंडी मध्यस्थता योजना के तहत प्रोसेसिंग ग्रेड और ग्राफ्टेड किस्म के आम की खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से होगी। इनकी खरीद शुरू हो चुकी है और यह 31 अगस्त तक चलेगी। आम की खरीद और ढुलाई 20 किलोग्राम क्षमता वाले रिसाइकलेबल प्लास्टिक क्रेट में होगी। प्रदेश में आम की खरीद के लिए 42 केन्द्र बनाए गए हैं।
नींबू प्रजाति के फलों में प्रोसेसिंग ग्रेड के किन्नू, माल्टा और संतरा की खरीद भी 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से करने का निर्णय लिया गया है। इनकी खरीद 21 नवंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक की जाएगी। किन्नू, माल्टा और संतरा की खरीद 15 किलोग्राम क्षमता वाले प्लास्टिक क्रेट में की जाएगी।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को एचपीएमसी एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना पड़ेगा। किसानों को खरीद के समय वाष्पीकरण और अन्य वजन की कमी की भरपाई के लिए कुल वजन का 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त फल भी देना होगा। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के फल उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध करवाना है।