मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में कृषि तंत्र की तथाकथित खराब स्थिति और हजारों पद खाली होने का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किया है, वहीं दूसरी ओर कृषि और उससे जुड़े विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।
पत्र में पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का “कृषि प्रधान राज्य” कहा जाता है, लेकिन वर्तमान में कृषि व्यवस्था सरकारी उदासीनता के कारण कमजोर पड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मोहन यादव सरकार की तरफ से “कृषक कल्याण वर्ष” की घोषणा की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकारी तंत्र की स्थिति इस घोषणा के विपरीत दिखाई देती है।
पटवारी ने पत्र में कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से 8,468 पद खाली हैं, यानी करीब 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद प्रदेश के किसानों की समस्याओं का समाधान करने का दावा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कृषि से जुड़े अन्य विभागों में भी स्थिति चिंताजनक है। मत्स्य पालन विभाग में 1,290 में से 722 पद, उद्यानिकी विभाग में 3,079 में से 1,459 पद और पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 में से 1,797 पद रिक्त हैं। सहकारिता विभाग में भी लगभग 35 प्रतिशत पद खाली हैं। खाद्य संचालनालय में 109 पदों के मुकाबले केवल 48 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि जिला कार्यालयों में 598 पदों के मुकाबले 245 कर्मचारी ही मौजूद हैं।
बीज एवं फार्म विकास निगम में 14 में से 5 पद रिक्त हैं। जैविक प्रमाणीकरण संस्था में 23 में से 8 पद खाली हैं। कृषि विस्तार प्रशिक्षण संस्थान में 49 में से 27 पद रिक्त हैं। मंडी बोर्ड में भी लगभग 40% पद खाली हैं।
पटवारी के अनुसार कृषि प्रशासन के शीर्ष स्तर पर भी हालात गंभीर हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के 182 स्वीकृत पदों में से 113 पद खाली हैं, जिनमें अपर संचालक, संयुक्त संचालक और उप संचालक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के भी लगभग 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जबकि यही अधिकारी किसानों तक योजनाएं और तकनीकी सलाह पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में केंद्र में कृषि मंत्री के रूप में कार्यरत शिवराज सिंह लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। यदि उस दौरान कृषि व्यवस्था को मजबूत किया गया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
पटवारी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि मध्य प्रदेश में कृषि और उससे जुड़े विभागों में रिक्त पदों की तत्काल समीक्षा कराई जाए, भर्ती प्रक्रिया शुरू कराई जाए और किसानों तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर सरकारी क्षमता बढ़ाने की रणनीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान पहले ही फसल नुकसान, बढ़ती लागत और बाजार अस्थिरता जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में कमजोर सरकारी तंत्र उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है।