उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान और मोटे अनाज की खरीद नीतियों को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार ने इस खरीफ सीजन में 65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में 4,500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की खरीद 12 अक्टूबर से और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से शुरू होगी।
भारत सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष के मुकाबले धान के समर्थन मूल्य में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
8 एजेंसियां करेंगी धान खरीद
प्रदेश में धान खरीद के लिए आठ एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, मंडी परिषद एवं उससे संबद्ध एफपीओ/एफपीसी, एनसीसीएफ, नैफेड और भारतीय खाद्य निगम शामिल हैं।
धान खरीद केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिलाधिकारी इनके समय में बदलाव कर सकेंगे। रविवार और राजपत्रित अवकाश को छोड़कर अन्य कार्यदिवसों, स्थानीय अवकाश तथा महीने के दूसरे शनिवार को भी खरीद केंद्र खुले रहेंगे।
जिलाधिकारी संबंधित जिले में धान की पैदावार और आवक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न खरीद एजेंसियों के बीच केंद्रों का आवंटन करेंगे।
फार्मर आईडी से होगी खरीद
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा। किसानों का पंजीकरण उनके आधार नंबर, भूलेख एवं पंजीकरण के समय किसान द्वारा दर्ज मोबाइल नम्बर पर प्रेषित ओटीपी के आधार पर किया जाएगा।
भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रदेश में बनाई गई किसानों की फॉर्मर आईडी (किसान पहचान पंत्र) के आधार पर धान खरीद की जाएगी। इसके लिए विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान बैंक खाते के सत्यापन के बाद भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने यथासंभव 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया है।
धान को क्रय केंद्रों से संबंधित चावल मिलों तक पहुंचाने के लिए सभी जिलों में जीपीएस युक्त वाहनों का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। इसके अलावा, पायलट परियोजना के तहत चिन्हित जिलों में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) के लिए इस्तेमाल होने वाले बोरों पर क्यूआर कोड के माध्यम से खाद्यान्न की आवाजाही और बिलिंग की ट्रैकिंग की जाएगी।
मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए एमएसपी पर मोटे अनाजों (मक्का, बाजरा और ज्वार) की खरीद नीति को भी मंजूरी दी है। इनकी खरीद 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक की जाएगी।
सरकार ने मक्का की खरीद का लक्ष्य 15 हजार टन, बाजरा का 2.20 लाख टन और ज्वार का 50 हजार टन निर्धारित किया है। इन फसलों के लिए प्रस्तावित खरीद लक्ष्य कुल 2.85 लाख टन है। खरीद के लिए अलग-अलग जिलों में केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां संबंधित फसलों की अच्छी पैदावार और आवक की संभावना है।
मक्का के लिए 25 जिलों में खरीद केंद्र
मक्का की खरीद प्रदेश के 25 जिलों में की जाएगी। इनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर शामिल हैं। मक्का खरीद के लिए 75 केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
33 जिलों में बाजरा खरीद
बाजरा की खरीद 33 जिलों में की जाएगी। इनमें बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर शामिल हैं। बाजरा खरीद के लिए 300 केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
13 जिलों में ज्वार की खरीद
ज्वार की खरीद उन्नाव, हरदोई, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, मिर्जापुर, झांसी, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में की जाएगी। इसके लिए 80 खरीद केंद्र खोलने का प्रस्ताव है।
मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद भी एनआईसी द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। खरीद केंद्रों पर किसानों से इन फसलों की खरीद कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर होगी।
खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकृत किसानों का इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन करते हुए खरीद की प्रक्रिया पूरी होगी। क्रय एजेन्सियों द्वारा किसानों से खरीदे गए मक्का, बाजरा एवं ज्वार का भुगतान उनके बैंक खातों में यथासम्भव 48 घंटे के अंदर सुनिश्चित कराया जाएगा।