उत्तर प्रदेश में 12 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘पौधरोपण महायज्ञ 2026’ के लिए वन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य की 2,600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं, जबकि केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग मिलकर 35 करोड़ पौधों का रोपण करेंगे। पौधों की आपूर्ति और वितरण को पारदर्शी एवं सुचारु बनाने के लिए वन विभाग क्यूआर कोड आधारित डीएसटी (DST) मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहा है, जिससे विभागवार और प्रजातिवार पौधों का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जा रहा है।
वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान में 1.55 करोड़, रेशम में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हो चुके हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग की 1939, उद्यान की 146, रेशम विभाग की 55 तथा 499 निजी पौधशाला व 38 नवीन नर्सरियों से सभी विभागों, जनपदों, मंडलों को पौधे दिए जा रहे हैं।
केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। नोडल विभाग, वन एवं वन्यजीव विभाग सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग एक करोड़ पौधे रोपित करेगा। केंद्र सरकार के रेलवे की तरफ से 12 लाख, रक्षा मंत्रालय की तरफ से 7 लाख पौधरोपण किया जाएगा।
मुख्य वन संरक्षक (प्रचार-प्रसार) अदिति शर्मा ने बताया कि वन विभाग द्वारा पौधशालाओं से सहयोगी विभागों को पौधों की आपूर्ति की जाती है। इसके लिए क्यूआर कोड आधारित इंडेंट जनरेट के पौध लेने के लिए अन्य विभागों के अधिकृत कर्मी को उपलब्ध कराया जाता है। यह कर्मचारी इंडेंट को लेकर वन विभाग की पौधशालाओं में जाता है। वहां वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा डीएसटी मोबाइल ऐप के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकृत कर्मचारी को क्यूआर कोड स्कैन कर मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने के पश्चात विभिन्न विभागों को प्रजातिवार उपलब्ध कराये गये पौधे और इसे प्राप्त करने वाले कर्मचारी का डेटा सुरक्षित किया जाता है।
12 जुलाई को होने वाले उत्सव के लिए मंडल, जनपद व विभागवार निरंतर पौध वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनसहभागिता और सभी विभागों के सहयोग से इस महायज्ञ को अभूतपूर्व बनाने के लिए वन विभाग प्रयासरत है।