यूपी सरकार दो देसी गायों पर 80 हजार और 10 गायों की डेयरी पर 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान देगी, जानिए कैसे उठाएं सब्सिडी का लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार ने नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत दो महत्वपूर्ण डेयरी योजनाओं के लिए पोर्टल खोला है। छोटे पशुपालकों को स्वदेशी नस्ल की  दो देशी गायों की इकाई पर ₹80,000 तक तथा 10 गायों की वैज्ञानिक डेयरी इकाई स्थापित करने पर ₹11.80 लाख तक का अनुदान मिलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वदेशी गोवंश के संरक्षण और पशुपालकों को बढ़ावा देने के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत दो प्रमुख योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शामिल हैं। दोनों योजनाओं का संचालन दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है और इनके लिए ऑनलाइन आवेदन नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत उन्नत स्वदेशी नस्ल की दो गाय खरीदने पर लागत का 40 फीसदी, अधिकतम 80 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। यह योजना प्रदेश के समस्त 75 जिलों में लागू है।

इस योजना का उद्देश्य छोटे पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी दुधारू गायों के पालन के लिए प्रोत्साहित करना है। पशुपालकों को गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी उन्नत देसी नस्ल की गायों की खरीद पर अनुदान मिलेगा। गायों की खरीद प्रदेश से बाहर से करनी होगी और खरीदी जाने वाली गाय प्रथम या द्वितीय ब्यात की होनी चाहिए। योजना के अंतर्गत महिला गोपालकों के लिए 50 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस योजना के लिए आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल https://nandbabadugdhmission.up.gov.in पर ऑनलाइन किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 है।

मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत उन्नत स्वदेशी नस्ल की 10 गायों की इकाई स्थापना हेतु अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।  

मध्यम स्तर पर डेयरी फार्म स्थापित करने के इच्छुक पशुपालकों के लिए सरकार ने मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत देसी नस्ल की 10 गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने पर परियोजना लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 50 प्रतिशत, अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दो चरणों में दिया जाएगा। शेष राशि में 15 प्रतिशत लाभार्थी अंश पुशपालक को देना होगा और 35 प्रतिशत बैंक ऋण का प्रावधान है।

यह योजना भी प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू है। लाभार्थी के पास डेयरी इकाई के लिए लगभग 0.20 एकड़ भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही साल भर हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। योजना का 50 प्रतिशत लाभ महिला पशुपालकों को दिया जाएगा। उन्नत नस्ल की देसी गायों की खरीद प्रदेश से बाहर से करनी होगी।

मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल https://nandbabadugdhmission.up.gov.in पर ऑनलाइन किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2026 है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

दोनों योजनाओं के लिए आवेदन नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। योजनाओं की जानकारी के लिए संबंधित जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।

जो पशुपालक पहले ही इस तरह की सरकारी योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इन योजनाओं के लिए पात्र नहीं होंगे।