संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने अपनी नवीनतम फूड आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2026 के दौरान वैश्विक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति कुल मिलाकर संतुलित रहने की संभावना है। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव, अल नीनो की आशंका, ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बदलती व्यापार नीतियां वैश्विक कृषि बाजारों के लिए जोखिम पैदा करती रहेंगी।
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अब तक मजबूती दिखाई है, लेकिन धीमी आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव, विभिन्न देशों की व्यापार नीतियों में बदलाव और विनिमय दरों में अस्थिरता कृषि व्यापार और खाद्य कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। अधिकांश कृषि जिंसों का उत्पादन मजबूत बना हुआ है, लेकिन मौसम संबंधी जोखिम और भू-राजनीतिक संघर्ष आने वाले महीनों में बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
एफएओ के अनुसार, वर्ष 2025-26 में वैश्विक अनाज उत्पादन रिकॉर्ड 3.043 अरब टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.1 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में वैश्विक अनाज खपत 2.952 अरब टन रहने का अनुमान है। अनाज का कुल भंडार 95.22 करोड़ टन तक पहुंच सकता है, जो शुरुआती स्तर की तुलना में 9.5 प्रतिशत अधिक होगा। वैश्विक अनाज व्यापार 4.8 प्रतिशत बढ़कर 50.86 करोड़ टन रहने का अनुमान है। गेहूं और मोटे अनाज का व्यापार बढ़ेगा, जबकि चावल का व्यापार कुछ घट सकता है। वर्ष 2026-27 में अनाज उत्पादन में हल्की कमी आने की संभावना है, लेकिन यह औसत से अधिक बना रहेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में प्रमुख निर्यातक देशों में उत्पादन घटने के कारण वैश्विक गेहूं उत्पादन में कमी आने का अनुमान है। अल नीनो से जुड़े मौसम संबंधी जोखिम और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण वर्ष 2026-27 में चावल उत्पादन 1.6 प्रतिशत घट सकता है। मई 2026 में एफएओ का ऑल राइस प्राइस इंडेक्स बढ़कर 104.8 अंक पर पहुंच गया, जो अक्टूबर 2025 की तुलना में 6.6 प्रतिशत अधिक है।
मोटे अनाज का उत्पादन भी पिछले वर्ष के रिकॉर्ड स्तर से नीचे रहने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण मक्का उत्पादन में कमी है। इसके बावजूद वैश्विक आपूर्ति पर्याप्त बनी रहेगी। तिलहन बाजार में वृद्धि जारी रहने की संभावना है। वैश्विक तिलहन उत्पादन 72.17 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.1 प्रतिशत अधिक होगा। वनस्पति तेल उत्पादन में 1.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, लेकिन जैव ईंधन क्षेत्र की मजबूत मांग के कारण बाजार में तंगी बनी रह सकती है। जनवरी से मई 2026 के दौरान एफएओ का वनस्पति तेल मूल्य सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.9 प्रतिशत बढ़ा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2025-26 के दौरान वैश्विक चीनी बाजार सरप्लस की स्थिति में पहुंच सकता है। वैश्विक चीनी उत्पादन 18.32 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.5 प्रतिशत अधिक होगा। इस वृद्धि में थाईलैंड और अन्य एशियाई देशों का प्रमुख योगदान रहेगा। हालांकि ऊर्जा बाजार की स्थिति और निकट पूर्व क्षेत्र में व्यापारिक मार्गों में व्यवधान चीनी बाजार के लिए जोखिम बने रहेंगे।
मत्स्य समेत एक्वाकल्चर क्षेत्र का कुल उत्पादन वर्ष 2026 में बढ़कर 20.05 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2025 की तुलना में 1 प्रतिशत अधिक होगा। इसमें पूरी वृद्धि एक्वाकल्चर क्षेत्र से आएगी, जिसका उत्पादन 2.9 प्रतिशत बढ़कर 10.87 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि समुद्री और अंतर्देशीय प्राकृतिक मत्स्य उत्पादन 1.1 प्रतिशत घट सकता है। वैश्विक मछली व्यापार का मूल्य बढ़कर 202.3 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि व्यापार की मात्रा लगभग 7.11 करोड़ टन पर स्थिर रह सकती है।