IGC का अनुमान- पिछले साल से 6.9 करोड़ टन कम होगा वैश्विक अनाज उत्पादन, हीटवेव और रूस-यूक्रेन युद्ध को बताया वजह

इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) ने यूरोप में हीटवेव से मक्का फसल को हुए नुकसान और रूस-यूक्रेन तनाव के कारण ब्लैक सी निर्यात में अनिश्चितता को देखते हुए 2026-27 के वैश्विक अनाज उत्पादन का अनुमान घटाकर 2.422 अरब टन कर दिया है। अनाज भंडार घटने, जबकि सोयाबीन और चावल व्यापार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।

वैश्विक कृषि एजेंसियों द्वारा फसल उत्पादन के अनुमान में लगातार कटौती किए जाने के बीच इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) ने भी वर्ष 2026-27 के लिए विश्व अनाज उत्पादन का अनुमान घटा दिया है। काउंसिल ने यूरोप में भीषण हीटवेव से मक्का की फसल को हुए नुकसान तथा रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते ब्लैक सी क्षेत्र से निर्यात को लेकर बढ़ती अनिश्चितता को इसका प्रमुख कारण बताया है। इससे पहले अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) भी वैश्विक अनाज उत्पादन के अपने अनुमान में कटौती कर चुका है। 

आईजीसी ने अब 2026-27 में वैश्विक अनाज उत्पादन 2.422 अरब टन रहने का अनुमान लगाया है, जो उसके पिछले अनुमान से 50 लाख टन कम है। यह पिछले सीजन के रिकॉर्ड 2.49 अरब टन उत्पादन से 6.9 करोड़ टन कम होगा। उत्पादन में यह गिरावट मुख्य रूप से मक्का और गेहूं की कमजोर फसल के साथ-साथ जई (ओट्स), ज्वार (सोरघम) और राई के कम उत्पादन के कारण है।

यूरोप में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते काउंसिल ने उत्पादन अनुमान घटाया है। 2026-27 में वैश्विक मक्का उत्पादन अब 1.306 अरब टन रहने का अनुमान है, जबकि पहले यह 1.31 अरब टन रहने का अनुमान था। हालांकि यह 2024-25 के 1.242 अरब टन से अधिक रहेगा। वैश्विक मक्का खपत रिकॉर्ड 1.323 अरब टन रहने का अनुमान है, जबकि कैरीओवर स्टॉक एक साल पहले के 31.1 करोड़ टन से घटकर 29.3 करोड़ टन रहने का अनुमान है।

आईजीसी के अनुसार कुल वैश्विक अनाज खपत 2.447 अरब टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है, हालांकि यह पिछले महीने के अनुमान से थोड़ा कम है। लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण वैश्विक कैरीओवर स्टॉक सालाना आधार पर 2.6 करोड़ टन घटकर 61 करोड़ टन रह सकते हैं, जो सामान्य स्तर से काफी कम होंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्लैक सी क्षेत्र के प्रमुख निर्यातक देशों से बड़े पैमाने पर निर्यात की संभावना बनी हुई है, लेकिन रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज होने से निर्यात लॉजिस्टिक्स प्रभावित हुए हैं और वैश्विक अनाज आपूर्ति पर जोखिम बढ़ गया है। इसके बावजूद मक्का आयात की बेहतर मांग के कारण वैश्विक अनाज व्यापार का अनुमान पिछले महीने की तुलना में 50 लाख टन बढ़ाकर 45 करोड़ टन कर दिया गया है। हालांकि यह पिछले सीजन के 46.7 करोड़ टन से कम रहेगा।

आईजीसी ने 2026-27 के लिए वैश्विक गेहूं उत्पादन का अनुमान भी घटाकर 82.1 करोड़ टन कर दिया है, जबकि खपत बढ़कर 82.8 करोड़ टन रहने की संभावना है। इससे आपूर्ति और तंग होगी। गेहूं का कैरीओवर स्टॉक घटकर 27.9 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जबकि प्रमुख निर्यातकों का निर्यात घटकर 6.1 करोड़ टन रह सकता है।

चावल के मामले में काउंसिल ने 2026-27 में वैश्विक उत्पादन 54.3 करोड़ टन (मिल्ड) रहने का अनुमान लगाया है, जो एशिया और अमेरिका में कम उत्पादन के कारण पिछले वर्ष से थोड़ा कम होगा। इसके बावजूद एशिया और अफ्रीका में खाद्य मांग बढ़ने से वैश्विक चावल खपत रिकॉर्ड 54.4 करोड़ टन तक पहुंच सकती है। वैश्विक चावल व्यापार 6.2 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि भंडार घटकर 19.5 करोड़ टन रह सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूस और कनाडा में कम उत्पादन के कारण सूखी मटर (ड्राई पीज) का वैश्विक उत्पादन 14 प्रतिशत घट सकता है, जिससे इसकी आपूर्ति भी सख्त रहने की संभावना है।

तिलहनों में वैश्विक सोयाबीन उत्पादन 44.1 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जिसे ब्राजील और अमेरिका में बेहतर उत्पादन का समर्थन मिलेगा। एशिया की मजबूत आयात मांग के चलते वैश्विक सोयाबीन व्यापार 19 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है, जो सालाना आधार पर 2 प्रतिशत अधिक होगा। हालांकि वैश्विक सोयाबीन भंडार घटकर 7.5 करोड़ टन रहने का अनुमान है, इसमें लगातार दूसरे वर्ष गिरावट आएगी।