अप्रैल में भारत का निर्यात 13.5 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन चावल समेत ज्यादातर कृषि उत्पादों के निर्यात में गिरावट

पश्चिम एशिया संकट के बावजूद अप्रैल 2026 में भारत का कुल निर्यात 13.5 प्रतिशत बढ़कर 80.80 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि चावल, चाय, मसाले, तंबाकू, काजू और फल-सब्जियों समेत अधिकांश कृषि उत्पादों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। वहीं सोना-चांदी और वनस्पति तेलों के आयात में तेज बढ़ोतरी हुई।

पश्चिम एशिया संकट के बावजूद वित्त वर्ष 20262-27 के पहले महीने, अप्रैल में भारत ने 80.80 अरब डॉलर की वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात किया है। इसमें 43.56 अरब डॉलर का वस्तु और 37.24 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल हैं। अप्रैल 2025 के 71.13 अरब डॉलर की तुलना में निर्यात में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने आयात 88.61 अरब डॉलर का हुआ, जिसमें वस्तु आयात 71.94 अरब डॉलर और सेवा आयात 16.66 अरब डॉलर का था। अप्रैल 2025 में कुल 82.29 अरब डॉलर का आयात हुआ था।

हालांकि कुल निर्यात 13.5 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन ज्यादातर कृषि उत्पादों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। कृषि उत्पादों में सबसे अधिक चावल का निर्यात होता है, लेकिन उसमें गिरावट दर्ज की गई है। यह 108.15 करोड़ डॉलर से 6.16 प्रतिशत घटकर 101.49 करोड़ डॉलर रह गया। अप्रैल 2026 की तुलना में चाय निर्यात 17.81 प्रतिशत, तंबाकू 40.38 प्रतिशत, मसाला 6.80 प्रतिशत, काजू 13.97 प्रतिशत और ऑयल मील निर्यात 15.88 प्रतिशत घटा है। फल-सब्जी निर्यात में भी 21.08 प्रतिशत की गिरावट आई है।

जिन कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है, उनमें अन्य अनाज सबसे ऊपर है। इनके निर्यात में 210.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि इनके कुल निर्यात का आंकड़ा सिर्फ 5.53 करोड़ डॉलर का है। इसके अलावा कॉफी निर्यात 7.51 प्रतिशत, मरीन उत्पाद 14.74 प्रतिशत और मीट, डेयरी तथा पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात 48.03 प्रतिशत बढ़ा है। 

जहां तक आयात की बात है तो वनस्पति तेलों का आयात 39.86 प्रतिशत बढ़कर 172.27 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। फल-सब्जियों के आयात में भी 45.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 33.76 करोड़ डॉलर हो गया। हालांकि दालों के आयात में 29.69 प्रतिशत की गिरावट आई है। इनका आयात अप्रैल 2025 के 31.44 करोड़ डॉलर से घटकर अप्रैल 2026 में 22.10 करोड़ डॉलर रह गया।

क्रूड एवं मैन्युफैक्चर्ड उर्वरकों के आयात में 2.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह 65.36 करोड़ डॉलर से बढ़कर 67.16 करोड़ डॉलर हुआ है। 

सबसे अधिक 18.62 अरब डॉलर का आयात कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का हुआ। हालांकि इसमें 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। लेकिन सोने के आयात में 81 प्रतिशत और चांदी में 157 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। सोने का आयात 3.09 अरब डॉलर से बढ़कर 5.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह चांदी का आयात 15.98 करोड़ डॉलर की तुलना में 41.1 करोड़ डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा पर दबाव को देखते हुए सरकार ने दो दिन पहले ही सोना और चांदी के आयात पर शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया है।