उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अन्तर्गत गेहूं क्रय नीति को स्वीकृति प्रदान की है। पूरे प्रदेश में गेहूं क्रय की अवधि 25 मार्च, 2026 से 15 जून, 2026 तक निर्धारित की गई है। गेहूं खरीद के लिए आठ एजेंसियां कुल करीब 6,500 क्रय केंद्र स्थापित करेंगी। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि विभाग की तरफ से 30 लाख मीट्रिक टन खरीद के प्रस्ताव को बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने का फैसला किया गया है। केंद्र सरकार ने 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
किस खरीद एजेंसी के कितने केंद्र
गेहूं खरीद के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ) के सबसे ज्यादा 3,300 केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा खाद्य विभाग की विपणन शाखा के 1,250, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 100, उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव यूनियन (यूपीपीसीयू) के 700, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के 350, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) के 300, भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) के 100 तथा भारतीय खाद्य निगम के 400 क्रय केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।
गेहूं खरीद केंद्र खुलने का समय
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक गेहूं क्रय केन्द्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रखे जाएंगे, लेकिन जिलाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार क्रय केन्द्र के खुलने व बन्द होने के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए अधिकृत होंगे। रविवार एवं राजपत्रित अवकाश को छोड़कर, शेष कार्य दिवसों एवं स्थानीय अवकाश व द्वितीय शनिवार को क्रय केन्द्र खुले रहेंगे।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन के माध्यम से किसानों के बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा क्रय केन्द्रों/मोबाइल क्रय केन्द्रो पर गेहूं की खरीद की जाएगी। गोबाइल क्रय केन्द्रों पर होने वाली प्रत्येक खरीद का ई-पॉप डिवाइस के जरिए अक्षांश-देशान्तर भी कैप्चर किया जाएगा।
भुगतान पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से 48 घंटे में
बटाईदार किसान भी पंजीकरण कराकर गेहूं की बिक्री कर सकेंगे। समस्त क्रय एजेंसियों द्वारा किसानों से खरीदे गए गेहूं के मूल्य का भुगतान भारत सरकार के पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से यथासम्भव 48 घण्टे के अन्तर्गत उनके बैंक खाते में सुनिश्चित किया जायेगा।
गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत पंजीकृत ट्रस्ट का भी गेहूं क्रय किया जायेगा। क्रय केन्द्र पर ट्रस्ट के संचालक अधिकृत प्रतिनिधि का बायोमैट्रिक सत्यापन कराते हुए गेहूं की खरीद की जाएगी तथा भुगतान ट्रस्ट के बैंक खाते में पीपीए मोड के माध्यम से कराया जायेगा।
राज्य सरकार की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसानों के लिए पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। क्रय केन्द्रों पर गेहूं को वर्षा व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए क्रेट्स व तिरपाल की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में गेहूं खराब न होने पाए।
बागपत सहकारी चीनी मिल की क्षमता बढ़ेगी
कैबिनेट ने बागपत स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल लि. की पेराई क्षमता 2,500 टीसीडी से बढ़ाकर 5,000 टीसीडी० करते हुए नई चीनी मिल की स्थापना के लिए पब्लिक इन्वेस्टमेण्ट बोर्ड की तरफ से 37249.89 लाख रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इसमें 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की अंशपूंजी/अनुदान के रूप में तथा बाकी 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार से ऋण के रूप में होगी।
उप्र निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। बिजनेस पार्को में वैश्विक निगमों के लिए कार्यालय, अनुसंधान एव विकास केन्द्र, वैश्विक क्षमता केन्द्रों तथा संचालन केन्द्रों की स्थापना के लिए रेडी-टू-ऑपरेट एवं प्लग एण्ड प्ले सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। ऐसे बिजनेस पार्क नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करेंगे, जो नॉलेज बेस्ड उद्योगों को आकर्षित करेंगे, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देंगे, अनुसंधान क्षमताओं में वृद्धि करेंगे तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करेंगे।