यूपी: गेहूं खरीद में किसान को राहत, बिना फार्मर रजिस्ट्री बेच सकेंगे उपज

उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इस कदम से पंजीकरण से वंचित किसानों को राहत मिलेगी और खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

यूपी: गेहूं खरीद में किसान को राहत, बिना फार्मर रजिस्ट्री बेच सकेंगे उपज

उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद को लेकर किसानों को राहत दी है। अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे। यह फैसला उन किसानों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो किसी वजह से पंजीकरण नहीं करा पाए हैं।

उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। कई मंडियों और खरीद केंद्रों पर अपेक्षित मात्रा में आवक नहीं हो पा रही थी। इसके साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के कारण भी बड़ी संख्या में किसान खरीद से बाहर रह जा रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने नियमों में ढील देने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद के संबंध में बड़ा निर्णय लेते हुए किसानों को राहत प्रदान की है। अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इस निर्णय को लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे किसान पूर्व की भांति सुगमता से अपनी उपज बेच सकें।

हालांकि, यह फैसला खरीद शुरू होने के करीब 20 दिन बीत जाने के बाद लिया गया है। प्रदेश में गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। कई जिलों में केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं, बारदाना की कमी, सर्वर डाउन आदि जैसी दिक्कतें आ रही हैं।

पहले शासन ने गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया था, जिससे कई खरीद केंद्रों पर किसानों को दिक्कतें आ रही थीं। अब गेहूं खरीद के लिए सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इससे खरीद में तेजी आने की उम्मीद है। यूपी सरकार ने बार 50 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है।

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