एमएसपी और तीन नए कृषि कानूनों पर नहीं बनी बात, किसानों और सरकार के साथ 4 जनवरी को अगली बैठक

कृषि कानून के मसले पर सरकार और किसान संगठनों के बीच 7वें दौर की बातचीत खत्म हो गई है. ये बैठक दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई, जिसमें 40 किसान संगठनों ने हिस्सा लिया. इस बार की बातचीत में चार प्रस्ताव मेंं से दो पर रजामंदी हो गई है. एमएसपी और कानून वापसी पर चार जनवरी को फिर बातचीत होगी. वहीं, किसान अपना आंदोलन जारी रखेंगे

कृषि कानून के मसले पर सरकार और किसान संगठनों के बीच  छठे दौर की बातचीत में चार प्रस्ताव में से दो पर रजामंदी हो गई है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक के बाद कहा है कि 50 फीसदी बातों पर किसानों की रजामंदी हो गई है। अगले दौर की वार्ता चार जनवरी को होगी। हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कानून को वापस लेने की मांग पर अभी सहमति नहीं बनी है। इस पर चार जनवरी को फिर बातचीत होगी। वहीं, किसानों का कहना है कि वो अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

कृषि मंत्री ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद तथा मंडी प्रणाली पूर्व की तरह जारी रहेगी। किसान संगठनों के एमएसपी पर कानून बनाने के प्रस्ताव पर माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि उपज की एमएसपी तथा उनके बाजार भाव के अन्तर के समाधान हेतु समिति का गठन किया जा सकता है।

किसान संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा तीनों कानून वापस लेने से संबंधित सुझाव के संबंध में कृषि मंत्री ने कहा कि इस पर कमेटी का गठन करके किसान के हितों को ध्यान में रखते हुए विकल्पों के आधार पर विचार किया जा सकता है जिससे संविधानात्मक मर्यादा का पालन करने के लिए सरकार अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके।

वहीं वायु गुणवत्ता प्रबंधन अध्यादेश, 2020 तथा विद्युत संशोधन विधेयक, 2020 पर सरकार ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की है और सरकार ने किसान संगठनों के सुझाव पर सैद्धान्तिक रूप से इन दोनों विषयों पर अपनी सहमति जताई।